प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को बिना किसी भेदभाव के मदद की जा रही है। पहली बार पीड़ितों को इतनी राहत सामग्री दी जा रही है ताकि वह अपना और परिवार का ठीक से जीवनयापन कर सकें। बाढ़ पीड़ितों की मदद में सरकार और प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी मेहनत कर रहे हैं। किंतु अभी भी जरूरत है ऐसी आपदाओं में समाज के लोग भी सहयोग में आगे आए। सरकार बाढ़ से निपटने के लिए स्थायी रास्ता निकालने के प्रयास में जुटी है।
शुक्रवार को तेज बारिश के बीच सीएम योगी महादेवा स्थित आडिटोरियम में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा पिछले साल भी बाढ़ में आया था तब लोगों को सूखी ब्रेड दी जा रही थी। मैने इसमें बदलाव किया है और आज प्रत्येक बाढ़ ग्रस्त परिवार को पूरा अनाज व अन्य सामान के साथ बरसाती भी दी जा रही है। इसके साथ ही बाढ़ से जिन लोगों के कच्चे मकान ध्वस्त हो जाते है उन्हें प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास दिया जाएगा।
अभी तक सर्पदंश से मौत पर कोई मदद नहीं मिलती थी लेकिन इसे आपदा में शामिल कर लिया गया है। अब पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की मदद दी जाएगी। बाढ़ इलाकों में राहत के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी तैनात की गई है। इस दौरान सांसद प्रियंका सिंह रावत, विधायक बैजनाथ रावत, उपेंद्र सिंह रावत, साकेंद्र प्रताप वर्मा, शरद अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव, हर्षित वर्मा, डीएम उदयभानु त्रिपाठी, डीआईजी ओंकार सिंह, एसपी वीपी श्रीवास्तव, एसडीएम सिरौलीगौसपुर अजय द्विवेदी आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन सीडीओ अंजनी कुमार सिंह ने किया। इससे पहले सीएम ने बांसगांव, कमियार, एल्गिन चरसड़ी बांध, हेतमापुर के बाढ़पीड़ित गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया।