बाराबंकी। जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल पीजी कॉलेज में शनिवार को स्वच्छता एक विमर्श विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि भारत के दर्शन और दिनचर्या में स्वच्छता का व्यापक संदेश छिपा है। जरूरत है कि हम इसे अपने व्यवहार में लाएं।
प्राचार्य प्रो. सीताराम सिंह ने कहा कि स्वच्छता हमारे समाज की आवश्यक आवश्यकता है। स्वच्छता के दो रूप है पहला व्यक्तिगत अथवा शारीरिक स्वच्छता दूसरा सार्वजनिक अथवा सामाजिक स्वच्छता। स्वच्छता व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए आवश्यक हैं। कहा कि जिस समाज गांव मोहल्ले में रहें, वहां समाज को जागरूक करने के लिए स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों में पूरे मनोयोग से अपनाकर सर्वोत्तम प्रयास करना चाहिए। छात्रा शीबा ने कहा कि स्वच्छता की जिम्मेदारी समाज के हर व्यक्ति को उठानी होगी। इससे समाज के साथ देश को नई दिशा मिलेगी।
सुमित ने कहा कि स्वच्छता अभियान को केवल एक दिन की मुहिम न मानें, बल्कि इसे निरंतर व्यवहार में लाकर अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। छात्रा बुशरा खान ने कहा कि वास्तव में स्वच्छता का स्वास्थ्य से गहरा संबंध होता है। एक स्वस्थ युवा ही आने वाले सशक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकता है। स्वच्छता अपनाने वाला प्रत्येक व्यक्ति रोगमुक्त रहता है। प्रो. अमित कुमार, डॉ.अनुराग कृष्ण यादव एवं डॉ. नंदकुमार, मानव कुमार आदि ने संबोधित किया तथा संगोष्ठी में अनेक छात्र-छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किए।