अलीपुर चकहार के पास सोमवार को एक ट्रालर का पहिया गड्ढे में धंसने से चिनहट-देवा मार्ग करीब तीन घंटे तक ठप रहा। भीषण जाम से करीब दो किलोमीटर तक गाड़ियों की लाइन लग गई। जबरदस्त जाम के बावजूद भी माती पुलिस चौकी का कोई कर्मी एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में जब पुलिस पहुंची तो आवागमन बहाल करने में करीब दो घंटे लग गए।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मटियारी की तरफ से एक ट्रालर अलीपुर चकहार जा रहा था। मुड़ते समय देवा मार्ग पर उसका पहिया गड्ढे में धंस गया। चालक ने काफी कोशिश की लेकिन ट्रालर आगे नहीं बढ़ा। इससे चिनहट-देवा मार्ग पर जाम लगता चला गया। कुछ ही देर में मार्ग पर आवागमन ठप हो गया।
देखते ही देखते दो किमी. तक गाड़ियों की लाइन लग गई। बारिश होने के कारण बाइक सवारों का भी जाम से निकलना मुश्किल हो गया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लगने से हालात बेकाबू हो गए। गाड़ी फ ंसी होने की सूचना पर टाटा मोटर्स के अधिकरी मौके पर पहुंचे और क्रेन मंगवाकर ट्रेलर को गड्ढे से निकला।
जाम होने से कई राहगीरों ने गलियों का सहारा लिया लेकिन बड़े वाहनों को खड़े रहने के अलावा कोई रस्ता नहीं था। छुट्टी होते ही जब बच्चे स्कूल से निकले तो उन्हें भी भीषण जाम से जूझना पड़ा। बड़े वाहनों के बीच फंसे छात्र बारिश में भीगते रहे। इस मार्ग पर करीब एक दर्जन से ज्यादा स्कूल, कॉलेज हैं।
घंटों जाम नहीं खुला तो कुछ बच्चे गांव की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते से होकर निकले। वहीं, कई राहगीर शारदा नहर से होते हुए मुरादाबाद मार्ग से निकल गए। यह रास्ता काफी जर्जर होने के कारण इस मार्ग पर भी जाम जैसे हालत रहे।
चिनहट-देवा मार्ग पर टाटा मोटर्स के ट्रक सैकड़ों की संख्या में सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इससे यहां पर हमेशा जाम जैसे हालत रहते हैं। मंगलवार को एक बार फिर टाटा मोटर्स का ट्रालर फंसने से तीन घंटे तक जाम लगा रहा। दोनों ओर जाम लगने से लखनऊ से आने वाले यात्री भी परेशान रहे।
अक्सर देवा सीएचसी से रेफर मरीजों को चिनहट-देवा मार्ग होते हुए एंबुलेंस से भेजा जाता है। परिवहन निगम की बसें भी इस मार्ग पर संचालित होती हैं। जाम में जहां दो एंबुलेंस दो घंटे तक फंसी रहीं, वहीं परिवहन निगम की बसें भी जाम में खड़ी रही। एआरएम आरके वर्मा ने बताया कि दो घंटे जाम में फंसने के बाद मार्ग चार्ट गड़बड़ा जाने से करीब 24 बसों के तीन ट्रिप का नुकसान हुआ है।