बाराबंकी। जंगल जंगल बात चली है पता चला है... जंगलबुक के पात्र मोगली की कहानी सुनते ही बच्चे उत्साहित हो जाते हैं। अब वन विभाग जिले के स्कूली बच्चों को जंगल में मंगल करने का मौका भी मुहैया करा रहा है। वन विभाग द्वारा शुरू की गई जानो अपने जंगल की मुहिम के तहत स्कूली बच्चों को जंगल घुमाने के साथ वहां से जुड़ी प्राकृतिक संपदा, पेड़ पौधों व जंगली जानवरों के बारे में जानकारी मुहैया कराई जाएगी। स्कूली बच्चों का एक दल जंगल का भ्रमण पूरा भी कर चुका है।
जिला मुख्यालय से मात्र 20 किमी दूर मसौली क्षेत्र के नियामतपुर वन ब्लाक विविध प्रकार के वनस्पतियों से भरा पड़ा है। यहां हिरन, लोमड़ी, नेवला, मोर ही नहीं कई प्रकार के अन्य पक्षी व जीव जन्तु भी रहते हैं। हैदरगढ़ क्षेत्र के बेहटा, बीजापुर, शरीफाबाद हो या हरख क्षेत्र के चकसार जंगल। यहां गिलोय, अमलतास, लटजीरा, रूस, भृगंराज जैसी औषिधीय वनस्पतियां पाई जाती है। इनमें नीलगाय, हिरण, बारहसिंगा, चीतल, लोमड़ी, सियार, साही आदि संरक्षित सूची के जानवर भी पाए जाते हैं।
डीएफओ आकाशदीप बाधवान ने बताया कि जिले के जंगलों में बहुत कुछ है। बस जानने व समझने की जरूरत है। इसके लिए प्रभागीय कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर फोन नंबर 05248-222526 जारी किया गया है। जिस पर स्कूलों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम बच्चों को जंगल ले जाकर वहां की जैव विविधता के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगी। यह उनके शिक्षण कार्य में भी मददगार बनेगा।
जिले में 5308 हेक्टेयर जंगल का क्षेत्र है। सबसे अधिक रामसनेहीघाट तहसील में 29 प्रतिशत, फतेहपुर में 27, हैदरगढ़ में 15 प्रतिशत जंगल हैं। वन आवरण सरयू, गोमती और कल्याणी नदी के तटों पर है। 1034 किमी सड़क पर दोनों तरफ पेड़ हैं।