बाराबंकी। जिले में इलेक्ट्रॉनिक बसों के संचालन का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। शासन ने बाराबंकी सहित 16 जिलों में चार्जिंग स्टेशन निर्माण को मंजूरी देते हुए बाराबंकी के लिए 5 करोड़ 5 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। इसके साथ ही 2 करोड़ 52 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है, जिससे अब काम शुरू होने का रास्ता खुल गया है।
काफी समय से जिले में खड़ी आठ इलेक्ट्रॉनिक बसें उपयोग के अभाव में धूल खा रही थीं। हालत यह हो गई थी कि कई बसों के टायर तक खराब होने लगे थे। इसको लेकर परिवहन विभाग पर लगातार लापरवाही के आरोप लग रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के 16 जिलों में कुल 80 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके तहत 40 करोड़ 46 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। बाराबंकी में बनने वाले चार्जिंग स्टेशन के लिए भी पहली किस्त जारी कर दी गई है और जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा।
परिवहन विभाग का दावा है कि चार्जिंग स्टेशन का निर्माण 3 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जिले में इलेक्ट्रॉनिक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि यह पहला मौका होगा जब बाराबंकी डिपो से ही ई-बसें सीधे जिले के विभिन्न रूटों पर संचालित होंगी।
वर्तमान में बाराबंकी डिपो से रोजाना करीब 36 से 38 हजार यात्री सफर करते हैं। ऐसे में ई-बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।