बाराबंकी। बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी व 12 अन्य अभियुक्तों पर जिले की दो अलग-अलग अदालतों ने आरोप निर्धारित कर दिए गए हैं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विपिन कुमार यादव ने मुख्तार अंसारी, डॉ. अल्का राय सहित 13 आरोपियों के विरुद्ध एंबुलेंस प्रकरण में धोखाधड़ी, कूट रचना व क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा सात के तहत आरोप तय किए। जबकि एमपी/एमएलए कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 3 (1) के तहत आरोप निर्धारित किए। दोनों मामलों में 29 जून व चार जुलाई को सुनवाई होगी। अब साक्ष्य और गवाही का क्रम शुरू होगा।
पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान मुख्तार अंसारी जेल से कोर्ट पर पेशी पर जाने के लिए एंबुलेंस का प्रयोग करता था वह बाराबंकी के एआरटीओ कार्यालय में फर्जी कागजों पर मऊ की डॉ. अलका राय के नाम से पंजीकृत कराई गई थी। प्रकरण संज्ञान में आने पर एआरटीओ ने डॉ. अलका राय के खिलाफ केस दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्तार अंसारी समेत दर्जन भर आरोपियों को अभियुक्त बनाया था। इन दोनों मामलों में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई।
मुख्तार अंसारी बांदा जेल से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालतों में पेश किया गया जबकि बाकी 12 अभियुक्त अदालत में पेश हुए। इन सभी के विरुद्ध अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने धारा 419, 420, 467, 468, 471 व धारा 7 सीएलए एक्ट के तहत आरोप निर्धारित किए। जबकि एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश केके श्रीवास्तव ने इन सभी आरोपियों के पर यूपी गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत आरोप तय किए। एंबुलेंस प्रकरण में अगली सुनवाई की तिथि चार जुलाई तो एमपी/एमएलए कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 29 जून नियत की है।
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ये है पूरा मामला
21 मार्च 2013 को एंबुलेंस यूपी एटी 7171 एआरटीओ कार्यालय में फर्जी कागजों से पंजीकृत हुई।
31 मार्च 2021 को यह एंबुलेंस मुख्तार अंसारी द्वारा रोपड़ जेल में पेशी के दौरान प्रयोग करती मिली।
2 अप्रैल 2021 को एआरटीओ ने मऊ की डॉ. अलका राय के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कराया।
4 जुलाई 2021 को एंबुलेंस केस में मुख्तार अंसारी समेत 13 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ।
24 मार्च 2022 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने मुख्तार अंसारी के गैंगचार्ट पर अनुमोदन दे दिया।
25 मार्च 2022 को शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी समेत 13 के खिलाफ गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ।