शुक्रवार को विकास खंड की सांसद आदर्श ग्राम पंचायत बुधनई गांव में ग्रामीण विकास मंत्रालय की टीम ने पहुंचकर प्राथमिक विद्यालय प्रांगण में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। उसके पश्चात पीएम आवास के लाभार्थियों के घर पहुंचकर निरीक्षण भी किया।
सांसद आदर्श ग्राम पंचायत के पहुंचते ही गांव के किनारे नाले की खुदाई का बोर्ड तत्काल लगाया गया। टीम के सदस्य रहे जेएनयू के प्रोफेसर रजनी रंजन सिंह ने बोर्ड के हिलने पर खासा नाराजगी जताई। यहीं नही गांव में काफी गंदगी देखकर आपत्ति भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस सांसद आदर्श गांव की उपाधि भले ही हो लेकिन यहां की सड़क और गांव की नालियां संतोषजनक नहीं हैं जब इस गांव की हालत इस तरह है तो सामान्य गांव की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
इसकी रिपोर्ट भारत सरकार को देंगे। उसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में ग्रामीणों की समस्याएं जानी तथा टीम के सदस्य राजकुमार दत्ता प्रोग्राम अफसर द्वारा गांव के दस्तावेज देखे। चौपाल में गांव के लोगों से वृद्धा, विधवा, दिव्यांग पेंशन तथा प्रधानमंत्री आवास व मनरेगा योजना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने एक ग्रामीण के सवाल के जवाब पर कहा कि वह स्वयं घर जाकर पीएम आवास का निरीक्षण करेंगे। प्रोफेसर रजनी रंजन सिंह मोहम्मद सिद्दीकी व सुगरा बानो तथा सुमन पत्नी श्यामू के प्रधानमंत्री आवास लाभार्थी के घर पहुंचे और अलग ले जाकर बात की। इसके बाद अलीशान के दरवाजे पहुंचे जहां उसका कच्चा मकान देख पूछा कि इसे आवास क्यों नहीं मिला। जिस पर ब्लॉक के अधिकारियों ने बताया कि अलीसान की मां हफिकुल के नाम आवास दिया गया था। नाम गलत होने के कारण पैसा वापस चला गया इसलिए नहीं मिला है और जल्द ही इसका सुधार करवाकर आवास दे दिया जाएगा।
इस मौके पर परियोजना निदेशक अनिल सिंह, बीडीओ राकेश प्रसाद, सहायक विकास अधिकारी नरेंद्र श्रीवास्तव, ग्राम पंचायत सचिव आकाश पटेल, राजेंद्र कुमार, अखिलेश्वर चौहान, प्रदुमन, बृजेश कुमार सहित अन्य ग्राम पंचायत सचिव मौजूद थे। एक दूसरी केंद्रीय टीम द्वारा जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम मोहिउद्दीनपुर का भी निरीक्षण किया गया। दूसरी केंद्रीय टीम के सदस्य रहे प्रोफेसर रजनी कांत ने यहां चौपाल लगाकर योजनाओं की समीक्षा की।