रामनगर ब्लॉक में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का निरीक्षण करती केंद्रीय टीम।
बाराबंकी। भारत सरकार के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम से डिप्टी सेक्रेटरी दीप पंथ, एनसीवीबीडीसी नई दिल्ली से डॉ. रजत रंजन तथा फाइलेरिया कंसल्टेंट आशीष कुमार बाजपेई ने राज्य मलेरिया मुख्यालय से अमित शुक्ला के साथ शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में समीक्षा बैठक की। सीएमओ डॉ. अवधेश यादव और जिला मलेरिया अधिकारी सुजाता ठाकुर ने दवा वितरण की प्रगति, निगरानी तंत्र और फील्ड मॉनिटरिंग की विस्तृत जानकारी की।
केंद्रीय टीम ने रामनगर ब्लॉक के बरुवा आयुष्मान आरोग्य मंदिर अंतर्गत बरुवा नरेंद्र गांव का स्थलीय निरीक्षण भी किया। यहां एक परिवार में तीन सदस्य गंभीर रूप से बीमार पाए गए, जिनमें एक युवक किडनी रोग से ग्रस्त है। स्वास्थ्य समस्याओं के चलते परिवार में दवा को लेकर आशंका थी। अधिकारियों ने समझाया फाइलेरिया मच्छरों से फैलने वाली गंभीर और लाइलाज बीमारी है, जो लंबे समय तक बिना लक्षण के शरीर में रहकर आगे चलकर हाथ-पैर में सूजन या हाइड्रोसील जैसी जटिलताएं पैदा कर सकती है।
निरीक्षण के दौरान टीम ने सीएचसी दरियाबाद में समीक्षा बैठक कर अभिलेखों की जांच की। साथ ही सुपरवाइजरों से संकोची परिवारों को जागरूक करने और संभावित दुष्प्रभावों के प्रबंधन को लेकर सवाल-जवाब किए।
जिला मलेरिया अधिकारी सुजाता ठाकुर ने बताया कि 10 से 28 फरवरी तक चल रहे अभियान के तहत 16.44 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। अब तक 7.71 लाख से अधिक लोगों को दवा सेवन कराया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 46.9 प्रतिशत है।