विधान सभा की प्राकलन समिति सदस्यों के सामने सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही उजागर हो गई। निरीक्षण के दौरान फतेहपुर क्षेत्र में सिंचाई विभाग के डाक बंगले (नहर कोठी) में ताला लटकता मिला। काफी मशक्कत के बाद सदस्य अंदर पहुुंचे तो कमरों में सीमेंट की बोरियां भरी थीं। हालत देखकर प्राकलन समिति के विधायकों का पारा चढ़ गया। वहां मौजूद अफसर ठीक से जवाब नहीं दे पाया।
सरकारी सम्पत्ति की बर्बादी की शिकायत के बाद अफसरों की अनदेखी पर सभी सदस्यों ने अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता पर सदन की अवमानना की कार्रवाई करने को कहा। इससे पूर्व हुई बैठक में भी सिंचाई विभाग को कोई अधिकारी योजनाओं की सूचनाएं समिति को नहीं दे सकें। जिस पर सदस्यों ने विधान सभा की अवमानना किए जाने की बात कही। इस दौरान पंचायती राज व ग्राम्य विकास विभाग की भी समीक्षा की गई।
बुधवार को विधान सभा की प्राकलन समिति के सदस्यों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ फतेहपुर तहसील क्षेत्र की नहरों, माइनरों व नहर कोठी का निरीक्षण किया। समिति में शामिल कुर्सी विधायक साकेंद्र वर्मा के साथ गौरी गंज विधायक राकेश प्रताप सिंह व महसी विधायक सुरेश्वर सिंह ने सबसे पहले दरियाबाद ब्रांच की कटघरा नहर पुल का निरीक्षण किया। यहां जगह-जगह कटान मिलने पर सदस्यों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सही कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद सदस्यों की टीम डाक बंगले(नहर कोठी) पहुंची। इस दौरान विभाग की लापरवाही के चलते सदस्यों को करीब पंद्रह मिनट तक धूप में खड़े होकर डाक बंगले का ताला खुलने का इंतजार करना पड़ा। नौबत तो ताला तोड़ने तक आ गई। हालांकि आनन फानन में पहुंचे एक कर्मचारी ने ताला खोला। अंदर जाते ही सदस्य वहां का नजारा देख दंग रहे गए। डाक बंगले के कई कमरों में भरी हुई सीमेंट की बोरियां मिली। सीमेंट कब और किस कार्य के लिए मंगाई गई, यह भी न बता सके। इस दौरान टीम ने बड्डूपुर क्षेत्र के कुंवर गद्दी नहर का ही भी हाल देखा।