घाघरा नदी का जलस्तर दोपहर के बाद स्थिर हो गया है। लेकिन नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से 68 सेमी ऊपर बह रहा है। नदी का जलस्तर भले ही स्थिर हो गया हो लेकिन बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
उधर जिलाधिकारी अजय यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सिरौलीगौसपुर और टिकैतनगर पहुंच स्थिति का जायजा लिया तथा मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। घाघरा नदी के खतरे के निशान से 81 सेमी ऊपर पहुंच जाने की वजह से बुधवार को तराई के 75 गांव नदी के पानी से घिर गए थे।
लेकिन बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर भले ही थम गया हो पर नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान 106.076 से बढ़कर 106756 पर बह रहा है जो खतरे के निशान से अभी भी 68 सेमी ऊपर बताया जा रहा है। जिन गांवों में पानी भरा हुआ है इनमें से अधिकतर परिवार अभी भी गांव में ही फंसे हुए हैं। इन लोगों को नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि नदी का पानी भले ही थम गया हो लेकिन गांवों में पानी भरा होने की वजह से संक्रामक रोगों का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत मवेशियों के चारे को लेकर हो रही है। जो थोड़ा बहुत भूसा और दाना पानी इनके लिए रखा गया था वह सब नदी के पानी की भेंट चढ़ गया।
खेतों में जो फसलें लगी थीं उनमें भी पानी भरा हुआ। ऐसे में अब समझ में नहीं आता है कि इनके लिए चारे का इंतजाम कहां से किया जाए। इसके अलावा जो परिवार बंधे पर बसे हुए हैं उनके सामने भी विषैले और जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना हुआ है। इनका कहना है कि अधिकारी आते हैं और चले जाते हैं लेकिन आज तक मदद के नाम पर कुछ नहीं मिला।
डीएम ने खाकर चेक किया ग्रामीणों का खाना
जिलाधिकारी अजय यादव ने सूरतगंज तटबंध के पास बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लिए बनाए जा रहे लंच पैकेट को भी बारीकी से चेक किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गुरुवार को बनाए गए पूड़ी सब्जी को खाने के लिए मांगा तो एक बार निचले अधिकारियों के हाथपांव फूल गए।
डीएम वहीं भंडारे में रखी एक कुर्सी पर बैठे गए और खाना बनाने वाले से खुद ही लेकर खाने लगे। खाने के बाद उन्होंने तारीफ की तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली। कहा कि खाने की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
घाघरा नदी का पानी स्थिर हो गया है। बाढ़ प्रभावित सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट क्षेत्र के कई गांवों का वृहस्पतिवार को भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियाें को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बाढ़ पीड़ितों का पूरा ध्यान रखा जाए इन्हें यथा संभव जो भी मदद हो वह दिलाई जाए। -अजय यादव, जिलाधिकारी