बाराबंकी। लोनीकटरा थाना क्षेत्र के जसकापुर गांव के मृत पूर्व प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर से बैंक खाते से रुपये निकालने वाले कैशियर के विरुद्ध पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। कोआपरेटिव बैंक की उपमहाप्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने जालसाजी सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की है। गौरतलब हो कि ‘अमर उजाला’ में इस जालसाजी की खबर प्रकाशित होने पर जांच शुरू हुई थी।
लोनीकटरा के जसकापुर के ग्राम प्रधान राजेश वर्मा ने अपने पिता पूर्व ग्राम प्रधान रामशंकर की मौत के चार साल बाद कोआपरेटिव बैंक की त्रिवेदीगंज शाखा के उनके खाते से 98 हजार रुपये निकालने का आरोप बैंककर्मियों पर लगाया था। कहा था कि चार साल पहले पिता की मौत हो गई थी। सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत जनवरी 2020 में पिता के बैंक खाते की धनराशि को अपने खाते में स्थानांतरित करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। तब बैंक से जानकारी मिली कि पिता की मौत के बाद आठ अक्तूबर 2018 को चार बार में उनके बैंक खाते से पूरे रुपये निकाले गए थे।
बैंककर्मियों की मिलीभगत से फर्जी आधार कार्ड व हस्ताक्षर के सहारे मृतक पिता के खाते से रुपये निकालने की शिकायत ग्राम प्रधान राजेश वर्मा ने 12 फरवरी 2020 को पुलिस और शाखा प्रबंधक से की थी। बैंक ने मामले की जांच उपमहाप्रबंधक कोआपरेटिव रेनू कुशवाहा को सौंपी थी। जांच में बैंक के तत्कालीन कैशियर को दोषी पाया गया है।
रेनू कुशवाहा की तहरीर पर थाना पुलिस ने बैंक कैशियर राहुल वर्मा के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। ‘अमर उजाला’ ने प्रधान की शिकायत पर 12 फरवरी को ‘फर्जी आधार लगा मृतक के खाते से निकाले 98 हजार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले को उजागर किया था। थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक यादव ने बताया कि विभागीय जांच में दोषी मिलने पर उपमहाप्रबंधक की तहरीर पर कैशियर राहुल वर्मा के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।