देवा (बाराबंकी)। कोतवाली क्षेत्र में बिना भूमि के ही वृद्ध दंपती और उसकी पुत्री के हाथों तीन प्लाॅट बेच दिए गए। दाखिल-खारिज के समय धोखाधड़ी उजागर हुई तो एसपी के निर्देश पर निदेशक समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
लखनऊ के विकासनगर निवासी और वर्तमान में गुड़गांव हरियाणा में रहने वाली नीरू शर्मा का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2013 में परसिस्ट इंफ्रावैंचर्स जानकीपुरम से देवा के खजूरगांव में पिता, माता और अपने नाम तीन प्लाॅट लिए थे। लाखों रुपये देने के बाद रजिस्ट्री हो चुकी थी। दाखिल-खारिज के समय पता चला कि विक्रेता ने अपने पास मौजूद रकबा से ज्यादा जमीन की बिक्री कर दी है।
नीरू का आरोप है कि जब वह हरियाणा से आईं तो पता चला कि आरोपी और कर्मचारी दफ्तर बंद कर भाग गए हैं। इससे उन्हें न तो प्लाॅट पर कब्जा दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए हैं। पुलिस ने कंपनी के निदेशक राजेश कुमार राठौर व तीन अन्य कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। एसएचओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पुराना मामला है। जांच शुरू कर दी गई है।