हैदगरढ़ (बाराबंकी)। विभागीय देखरेख के अभाव और लापरवाही से रविवार देर रात गोसूपुर गांव के पास इन्हौना डीवाई नहर पटरी कट गई। इससे किसानों की करीब ढाई सौ बीघा गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न हो गई। तेज बहाव की वजह से पानी संग बालू भी किसानों के खेतों में पहुंच गया। खेतों से होता हुआ पानी किसानों के घर तक पहुंच गया। खेत के चारों ओर पानी ही पानी दिख रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर सिंचाई विभाग ने हेड से पानी बंदकर पटरी दुरुस्त कराने का काम शुरू करा दिया है।
सोमवार की भोर गोसूपुर गांव के किसानों के लिए आफत बनकर आई। रविवार देर रात इन्हौना डीवाई नहर की दाहिनी पटरी कट गई जिससे किसानों की गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों ने पानी में डूबे खेतों को देखा तो इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी जिसके बाद हैदरगढ़ त्रिपुला के पास गेट गिराकर नहर बंद की गई। लेकिन तब तक करीब ढाई सौ बीघा गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न हो गई। तेज बहाव के कारण नहर की सिल्ट भी खेतों में पहुंच गई।
गोसूपुर गांव के निवासी रामफेर सिंह, संजय रावत, अजय रावत, शिवकला, रमपता, रामफेर रावत, कंसल, छेदाना, रामेश्वर, सियाराम रावत, रामदत्त, जमुना प्रसाद, रामेश्वर सिंह, गजोधर सिंह, रामबीर, बृजेश, माताफेर, त्रिभुवन, लालता रावत, रामकिशुन, बेटऊ कनौजिया, सुंदर, हौंसिला, दानबहादुर, जंगबहादुर, रनबहादुर, रामसुंदर समेत कई किसानों की करीब 250 बीघा फसल जलमग्न हो गई। गांव की आबादी में दानबहादुर, नखऊ, रामअचल आदि के घर में घुटने तक पानी भर गया।
घर में रखा अनाज व अन्य सामान खराब हो रहा है। वहीं सिंचाई विभाग शारदा सहायक खंड 41 सहायक अभियंता केके सिंह चौहान का कहना है कि जेसीबी मशीन भेजकर पटरी को पाटने का काम शुरू करा दिया है।
बालू नीलामी के नाम पर हुआ अवैध खनन
नहर पर बीते फसली सत्र से ही बालू नीलामी के नाम पर जमकर अवैध खनन किया गया। इस दौरान पटरी पर सर्विस रोड के बगल में मौजूद डौला की मिट्टी खोदकर बेच ली गई, जिससे नहर की गहराई कम हो गई। अमर उजाला ने जब खबर प्रकाशित कर मामले को उजागर किया, तब नहर से निकली सिल्ट से पटरी को बराबर कर मामले का दबा दिया गया। पटरी बराबर पानी बहने पर खांदी होने की आशंका जताई गई थी।
मंत्री की फटकार के बाद भी नहीं हुआ सुधार
सात नवंबर को जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने इन्हौना नहर पर सिल्ट सफाई कार्य का निरीक्षण किया था। हाईवे पर वाहन रोकर पटरी पर काफी दूर तक पैदल जाकर कार्य का जायजा लिया था और बदहाल नहर क्षतिग्रस्त पटरी देखकर फटकार लगाई थी। लेकिन काम में सुधार नहीं हुआ और त्रिपुला से चौबीसी के बीच कई जगह पटरी क्षतिग्रस्त है। किसानों ने सिल्ट सफाई, अवैध खनन व नहर के आकार की जांच कराने की मांग की है।