बाराबंकी। हैदरगढ़ क्षेत्र में नीलामी के बहाने नहर पटरी की मिट्टी खोदकर बेच ली गई। देखरेख के अभाव व विभागीय उदासीनता के चलते इस पर रोक नहीं लग पा रही है। प्रदेश के जल शक्ति मंत्री ने मामले में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
क्षेत्र में इन्हौना डीवाई नहर व सेमरौता रजबहा पर बालू नीलामी के बहाने पटरी की मिट्टी बेच ली गई। कस्बे से लेकर पास के गांवों में खाली प्लाटों व अन्य निर्माण स्थलों पर बालू मिट्टी के ढेर लगे हैं। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के सामने ट्रॉली व डंपरों पर मिट्टी की ढुलाई की जाती है और पूछने पर समिति से बालू नीलामी पर जमा शुल्क की रसीद दिखाकर मामले को रफदफा कर दिया जाता है।
बीते 15 अक्तूबर को जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह सिल्ट सफाई का शुभारंभ करने रायपुर पहुंचे थे, तब किसानों की शिकायत पर उन्होंने नहर पटरी की मिट्टी खोदने की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मंत्री ने भाजपा जिलाध्यक्ष से लोगों की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराने का कहा था, जिससे जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
मगर मौके पर हालात में कोई सुधार नहीं हुुआ और नहर पटरी से मिट्टी खोद ली गई। खनन के चलते पटरी पर आने-जाने लायक रास्ता भी नहीं रह गया है। ऐसे में आवागमन करने वालों के नहर में गिरने का खतरा बना रहता है। शारदा सहायक खंड-41 के सहायक अभियंता केके सिंह चौहान का कहना है कि नहर पटरी पर मिट्टी खनन की जांच कर सुधार कराया जाएगा।