बाराबंकी। अगर आप भी मच्छरों को भगाने के लिए स्वीट नाइट, डायनासोर, श्री डेंगू किलर या कम्फर्ट जैसी अगरबत्तियां जला रहे हैं तो संभल जाइए। खुशबू बिखेरने वाली अधिकांश अगरबत्तियां असल में आपके घर में धीमा जहर घोल रही हैं। शासन के निर्देश पर मंगलवार को जिला प्रशासन ने पूरे जिले में इन अवैध और जानलेवा अगरबत्तियों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया।
जांच टीम के मुताबिक, इन अगरबत्तियों में डाइमेफ्लुथ्रिन और मेपरफ्लुथ्रिन जैसे बेहद खतरनाक और अपंजीकृत रसायनों का इस्तेमाल हो रहा है जो कीटनाशी अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। इसी को लेकर उप कृषि निदेशक उमेश कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार और जिला कृषि अधिकारी राजित राम की टीमों ने तहसीलवार मोर्चा संभाला। रिलायंस रिटेल, स्पेंसर और सागर फैमिली मार्ट सहित कुल 16 बड़े मॉल्स, किराना दुकानों और गोदामों पर अचानक छापेमारी की गई।
अवैध और जानलेवा रसायनों से बनी इन अगरबत्तियों की बिक्री कीटनाशी अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है। हालांकि छापेमारी में जिले के प्रमुख मॉल और गोदामों में इनका स्टॉक नहीं मिला है लेकिन यदि भविष्य में कोई भी दुकानदार या पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर इन्हें बेचता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश कुमार, उप कृषि निदेशक