फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Barabanki News: नहीं चलीं बसें, भटकते रहे यात्री

Tue, 02 Jan 2024 01:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। नए साल का पहला दिन बस से सफर करने वालों के लिए मुसीबत भरा रहा। हादसे रोकने के लिए बनाए गए कानून के विरोध में बस चालकों ने सुबह से हड़ताल कर दी। बसें नहीं चलने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विभिन्न चौराहों, बस स्टाॅप व बस स्टेशनों से यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ा। जिनको इमरजेंसी थी, उन्होंने बाइक का इंतजाम किया या फिर ई-रिक्शा से गंतव्य तक गए। लगभग पूरे दिन कड़ाके की ठंड में 50 हजार यात्री परेशान रहे।
विज्ञापन


नए व्हीकल एक्ट में संशोधन कर बनाए गए कानून दुर्घटना में मृत्यु होने पर चालक को 10 साल का कारावास व पांच लाख रुपये का जुर्माना देने के प्रावधान को बस चालक गलत बता रहे है। सोमवार को सुबह यात्री शहर के देवा रोड स्थित बस स्टेशन पर पहुंचे तो बसें खड़ी थीं और चालक प्रदर्शन कर रहे थे। डिपो से संचालित करीब 115 बसों के चक्के जाम थे। सुबह नौ से 11 बजे तक भारी भीड़ के बीच यात्री पटेल तिराहे, नाका सतरिख चौराहे पर भटकते रहे।


अयोध्या रोड पर संचालित अंतरजनपदीय बस स्टेशन का भी यही हाल था। लोग हाईवे किनारे खड़े होकर वाहनों को हाथ दे रहे थे। पटेल तिराहे पर खड़े लोग निजी कार व जीप वालों को हाथ देकर लखनऊ तक ले चलने का अनुरोध करते देखे गए। इस दौरान बाराबंकी से लखनऊ के कमता, चिनहट तक लोग ई-रिक्शा से पहुंचे। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई जो चौपुला व रामननगर तिराहे के पास लखनऊ-अयोध्या व बाराबंकी बहराइच हाईवे पर लंबी दूरी वाली की बसें पकड़ते हैं। क्योंकि हाईवे से गुजरने वाली करीब 300 बसें भी बंद थीं।
विज्ञापन



लोगों को अयोध्या व पूर्वांचल जाने के लिए साधन नहीं मिले। इतना ही नहीं हैदरगढ़ बस स्टेशन पर मुख्य चौराहों पर यात्रियों की भीड़ रही। रामसनेहीघाट, नईसड़क व बाराबंकी आने जाने वाले करीब 15 हजार यात्री परेशान रहे। फतेहपुर बस स्टेशन पर एक भी टिकट नहीं बना। बाराबंकी डिपो की 113 अनुबंधित बसों से करीब 35 से 37 हजार यात्री रोज सफर करते हैं। जबकि नए बस स्टेशन व हाईवे से लंबी दूरी वाली बसों से करीब 16 हजार लोग गंतव्य को जाते हैं। इन सबको एक भी बस नहीं मिली। लखपेड़ाबाग के अनुराग ने बताया कि लखनऊ जाने के लिए दो घंटे से खड़े रहे तो नईसड़क के दीपचंद्र ने बताया कि बस नहीं मिलने से गांव से बाइक मंगानी पड़ी।





मजबूरी में ट्रैक्टर से रवाना हुए लोग
देवा में मजार पर दर्शन करने आए लोगों को ई-रिक्शा से जाना पड़ा। कोटवाधाम व निंदूरा में लाेग वाहनों की किल्लत के चलते ट्रैक्टर व अन्य साधनों से जाते दिखाई दिए। सर्द मौसम में लोग ठिठुरते रहे, लेकिन साधन न मिलने से लौट गए। सिद्धौर में चालकों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। बदोसराय चौराहे पर अपने वाहन खड़े करके चौराहे पर जाम लगा दिया तथा नारेबाजी करने लगे, जिससे टिकैतनगर व रामनगर मार्ग अवरुद्ध हो गया। इसी बीच सड़क से निकल रहे तहसील के नायब तहसीलदार संजय कुमार जाम में फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाम में फंसी एंबुलेंस को निकलवा कर अस्पताल रवाना किया। पुलिस के समझाने के बाद मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें