बाराबंकी। क्रिसमस पर बृहस्पतिवार को रंग बिरंगी रोशनी से सजे गिरजाघरों व चर्चों में विशेष प्रार्थनाओं का दौर देर रात तक चलता रहा। प्रार्थना सभा खत्म होने के बाद लोगों ने एक दूसरे को मैरी क्रिसमस कर प्रभु यीशु के जन्म की बधाई देते हुए केक काट कर खुशियां मनाई।उल्लासपूर्ण माहौल में बच्चों से लेकर बड़ों तक ने तरह-तरह के पकवानों को स्वाद भी चखा। सेंट एंथोनी स्कूल में प्रभु यीशु के जन्म पर आधारित झांकी आकर्षण का केंद्र रही। लोगों ने खूब सेल्फी भी ली।
मेथोडिस्ट चर्च में विशेष प्रार्थना सभा में लोगों ने हिस्सा लिया और कैंडल जलाई। पादरी विनय फिलिप दयाल ने यीशु के संदेश सुनाए। कहा कि अहिंसा व्यक्ति का सबसे बड़ा धर्म है जिसका सभी को पालन करना चाहिए। स्टोफर, लिली, सतीश दयाल आदि ने कैरल गाए। सेंट एंथोनी स्थित चर्च में प्रभु यीशु का जन्म का जश्न मनाया गया। जैसे-जैसे प्रभु के जन्म की बेला नजदीक आने लगी, हर कोई उत्साहित हो उठा। आया है, आया है प्रभु यीशु आया है.. आदि गीत गाए।
यीशु का जन्म होते ही लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी और मैरी क्रिसमस गूंज उठा। इस दौरान आनंद भवन स्थित चर्च में भी मसीह समाज के लोगों की भीड़ जुटी रही। कैरल गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। लोगाें ने कैंडल जलाकर प्रभु यीशु को याद किया। सियोन चर्च में प्रभु यीशु का जन्म धूमधाम से मनाया गय और केक बांटा गया।