कोटवाधाम (बाराबंकी)। विधानसभा चुनाव के दौरान जिला मुख्यालय से कोटवाधाम होते हुए सरयू नदी के तटबंध रानीमऊ अली नगर तक संचालित बस सेवा बंद कर दी गई। चुनाव खत्म हो जाने के तीन साल बाद भी परिवहन विभाग बंद की गई बस सेवा को बहाल नहीं कर सका है। इससे सरयू नदी की तराई के करीब 40 गांवों के लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर बस सेवा बहाल किए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के अलीनगर-रानीमऊ तटबंध के बगल निकट दरियाबाद विधानसभा के गिदरापुर गांव तक बस सेवा संचालित की गई थी। लोग यहां से जिला मुख्यालय होकर लखनऊ तक आसानी से आवागमन करते थे। तीन साल पूर्व हुए विधान सभा चुनाव के दौरान यह बस सेवा अचानक बंद कर दी गई। अब कोटवाधाम तक ही बस सेवा चलती है। ऐसे में गिदरापुर व आसपास के तराई के गांवों के लोगों को आठ किलो मीटर दूर कोटवाधाम अथवा 10 किलोमीटर दूर टिकैतनगर तक जाना पड़ता है। इसके बाद गंतव्य के लिए बस मिल पाती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बस सेवा बहाल होने से तराई के करीब 40 गांवों के लोगों को बस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
पहले गिदरापुर तक जाने वाली बस से रानीपुरवा, मुड़ियाडीह, छुरिया, गोसई पुरवा, बौधिक पुरवा, सिरौलीगुंग, कोठीडीहा, मरौचा के यात्रियों को भी लाभ मिलता मिलता था। तराई के गांवों के छात्र-छात्राएं भी जिला मुख्यालय तक आसानी से जा पाते थे। सिरौलीगुंग गांव के ग्राम प्रधान राम बख्श यादव ने बताया कि पहले लोग अपने गांव के निकट से ही आसानी से बस पकड़ लेते थे। अब आठ-10 किलो मीटर डग्गामार वाहन से चलने के बाद बस मिलती है। बस सेवा बहाल की जानी चाहिए। एआरएम रोडवेज जरीना खातून ने बताया कि अलीनगर-रानीमऊ तटबंध के निकट तक जिन दो बसों का संचालन होता था, उनका अनुबंध समाप्त हो चुका है। बसों की संख्या भी कम हो गई है। नई बसों का अनुबंध होते ही इस रूट पर बंद बसों का संचालन पुन: शुरू कराया जाएगा।