हैदरगढ़ (बाराबंकी)। बस स्टेशन हैदरगढ़ से लखनऊ के लिए कैसरबाग डिपो तक की बस सेवा बीते डेढ़ साल से बंद पड़ी है। डेढ़ साल पहले अचानक बंद की गई बस सेवा से यात्रियों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। यात्रियों को लखनऊ पहुंचने के लिए लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर मुख्य चौराहे से आलमबाग व चारबाग डिपो की बसें पकड़ना पड़ रही हैं। इनके बसों के स्टेशन पर न आने व आवागमन का भी कोई निर्धारित समय न होने से घंटों सड़क पर खड़े होकर इनका इंतजार भी करना पड़ता है।
करीब 15 साल पहले लखनऊ तक आवागमन के लिए उपनगरीय बसें व चारबाग डिपो की 15 से अधिक बसें बस स्टेशन से संचालित होती थी। यात्री सुविधा के लिए चार साल पहले करोड़ों की लागत से हैदरगढ़ बस डिपो का कायाकल्प तो कराया गया, लेकिन डिपो पर किसी जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी की तैनाती नहीं हुई। इससे चालकों व परिचालकों की मनमानी यात्रियों पर भारी पड़ने लगी। बसों का नियमित समय से संचालन न होने के कारण यात्री बस स्टेशन के बजाए चौराहे पर वाहन तलाशने को विवश होते हैं।
डेढ़ साल पहले तक कैसरबाग डिपो की तीन बसों का संचालन इस रूट पर होता था। अचानक इन बसों का संचालन बंद कर दिया गया। इससे लखनऊ में इलाज कराने के साथ ही कारोबार व काम काज के सिलसिले में जाने वालों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। अन्य डिपो की लंबी दूरी की बसों के परिचालक बीच के बस स्टाप भिलवल, गंगागंज, गोसाईगंज, अहमामऊ का टिकट नहीं बनाते हैं।
ऐसे में इन जगहों तक जाने के लिए लोगों को हैदरगढ़ से डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। हैदरगढ़ डिपो के पास 75 से अधिक सरकारी बसों का बेड़ा है, लेकिन डिपो के अधिकारी क्षेत्र में यातायात सुविधा के लिए अन्य डिपो के सहारे रहते हैं। एआरएम जगदीश प्रसाद का कहना है कि सभी डिपो की बसों को स्टेशन तक जाने के निर्देश दिए गए हैं।