बीएसए की कार्यशैली से नाराज वित्त एवं लेखा कार्यालय के कर्मचारी भड़क उठे और गुरुवार को कार्य बहिष्कार करते हुए पूरे दिन हड़ताल पर रहे जिससे विभागीय कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। ऐसे में शिक्षामित्रों को जल्द से जल्द वेतन दिए जाने की प्रक्रिया भी रुक गई है। इससे शिक्षामित्रों का आक्रोश भी भड़क उठा है। नाराज शिक्षामित्रों ने डीएम आवास पहुंच अपनी मांगों का ज्ञापन दिया और कहा कि अब लेखा कार्यालय का घेराव 11 से नहीं बल्कि 8 जनवरी से किया जाएगा।
लेखा कार्यालय में धरना दे रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि बृहस्पतिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लेखा कार्यालय आए थे और आते ही कर्मचारियों पर भड़क उठे। जिसका हम लोगों ने विरोध किया तो उन्होंने हम लोगों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दे डाली जिससे कर्मचारियों का आक्रोश भड़क उठा। सभी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए कार्यालय पर ही धरना शुरू कर दिया। धरना दे रहे कर्मचारियों ने कहा कि बीएसए अपनी कार्यप्रणाली सुधार लें तो हम लोग दोबारा कार्य शुरू कर देंगे। इस मौके पर बृजेश कुमार, मनोज कुमार मालवीय, विनोद कुमार, तेज प्रकाश यादव, जगदीश सिंह, रोशन कुमार आदि मौजूद रहे। इस बाबत जब वित्त एवं लेखाधिकारी मधु शर्मा से जानकारी की गई कि कर्मचारी हड़ताल पर क्यों हैं तो उन्होंने कहा कि कर्मचारी हड़ताल पर क्यों हैं यह बात कर्मचारियों से पूछिए तो ज्यादा बेहतर होगा।
मामले की जानकारी जब मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार को हुई तो उन्होंने बीएसए और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय तलब किया। सीडीओ ने दोनों अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि आपस में तालमेल बनाकर कर कार्य करें इस तरह की पुनरावृत्ति दोबारा नहीं होनी चाहिए। सीडीओ के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों द्वारा दिया जा रहा धरना समाप्त हो गया है।