बाराबंकी। मरम्मत कार्य में जुटे कर्मचारी।
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रामनगर (बाराबंकी)। बहराइच हाईवे पर बने सरयू नदी सेतु पर सोमवार को दूसरे दिन भी मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चलता रहा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख में पीएनसी कंपनी के कर्मचारी दिन रात क्षतिग्रस्त पुल को ठीक करने में लगे हुए हैं। पूर्वांचल को जोड़ने वाले इस एक मात्र हाईवे से वाहनों को धीरे-धीरे निकाला जा रहा है। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संजय सेतु के ज्वाइंट में दरार पड़ने के बाद रविवार से एनएचएआई के अधिकारियों की देखरेख में पीएनसी कंपनी द्वारा मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। पिछले दो दिनों से मरम्मत कार्य के चलते इधर से गुजरने वालों वाहनों को पुलिस कर्मियों द्वारा निकलवाया जा रहा है ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो सके।
इस पुल से गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर जिलों के अलावा नेपाल तक प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। क्षतिग्रस्त पुल के मरम्मत कार्य के चलते लोग को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एनएचएआई के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर योगराज सिंह ने बताया कि जल्द ही मरम्मत कार्य पूरा हो जाएगा।
40 वर्ष पुुराना है संजय सेतु
सरजू नदी पर बने संजय सेतु का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने 9 अप्रैल 1981 में किया था। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल बनकर साल 1984 में तैयार हुआ था। इससे पहले पुल ना होने से गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर आदि जिलों के लोग स्टीमर से घंटों इंतजार करने के बाद नदी पार कर लखनऊ की ओर जाते थे। श्रावस्ती जिले में प्रदेश का पर्यटन स्थल है। यहां बौद्ध धर्म, जैन धर्म के अनुयायी दूसरे देशों से आकर इसी पुल के रास्ते गुजरते हैं।