कोटवाधाम/सूरतगंज (बाराबंकी)। सरयू नदी की बाढ़ की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। 24 घंटे में नेपाल के बैराजों से पांच लाख 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शनिवार सुबह नदी का जलस्तर बढ़ते हुए खतरे के निशान के पास पहुंचकर स्थिर हो गया है। एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान 106.070 मीटर है, जबकि शनिवार को नदी 106.006 मीटर पर पहुंच गया। नदी कभी भी खतरे का निशान पार कर सकती है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में नदी लगातार कटान कर रही है। शनिवार को कटान में तेलवारी गांव की करीब 15 बीघा जमीन और कट गई है। तेलवारी के साथ ही इटाहुआपूर्व, गोबरहा गांव के किनारे बह रही नदी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। बाढ़ खंड के एसडीओ प्रभाकर द्विवेदी ने शनिवार को अवर अभियंता राहुल कुमार के साथ कटान से प्रभावित तेलवारी, गोबरहा गांव के साथ अलीनगर रानीमऊ तटबंध का भी जायजा लिया। उधर, रामनगर तहसील क्षेत्र में नदी के उस पार बसे जमका, परशुराम पुरवा व खुज्झी गांवों में हालात जस के तस हैं। इन गांवों तक पहुंचना मुश्किल है। लोगों की खेती नदी में समा चुकी है। एडीएम अरुणा कुमार ने बताया कि जल्द ही इन गांवों का दौरा करेंगे।
जमका गांव के राजमंगल ने बताया कि खेती नदी में समा रही है। बाढ़ आई तो गांव में पानी भरना तय है। नाव बंद हो चुकी है। इस पार बसे गांवों में अधिकारियों का पहुंचना मुश्किल है। मुआवजा आदि नहीं मिल पाया है। जयपाल ने बताया कि नदी के इस पार बसे गांवों में राहत पहुंचना मुश्किल है। अभी तक कोई अधिकारी गांवों तक नहीं पहुंच सका है। लोग अपना मकान स्वयं तोड़ कर गांव छोड़ने की तैयारी में हैं।