भारतीय जनता पार्टी ने जिले की छह में से पांच विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इसमें नए चेहरों के साथ ही युवा वर्ग को तरजीह दी गई है। रामनगर विधानसभा क्षेत्र से अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है मगर मौजूदा समीकरण में इस सीट से राकेश वर्मा का टिकट लगभग तय माना जा रहा है। सपा, बसपा और भाजपा के प्रत्याशियों का एलान होने के बाद पूरे जिले में मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। कई क्षेत्रों में टिकट कटने से मायूस भाजपाइयों का आक्रोश भी पार्टी के लिए घातक हो सकता है।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के 24 घंटे पहले भारतीय जनता पार्टी ने जिले की कुर्सी, दरियाबाद, जैदपुर, हैदरगढ़ व बाराबंकी सदर विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। कुर्सी विधानसभा क्षेत्र से सीतापुर के पूर्व जिलाध्यक्ष साकेंद्र वर्मा, दरियाबाद से जिला पंचायत सदस्य व युवा चेहरा सतीश शर्मा पर पार्टी ने दांव खेला है।
इसी तरह जैदपुर से उपेंद्र रावत व बाराबंकी की सदर सीट से पूर्व एमएलसी हरगोविंद सिंह को बीजेपी ने चुनाव मैदान में उतारा है। हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री और सांसद रहे बैजनाथ रावत को पार्टी ने टिकट दिया है।
बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा द्वारा अभी तक भाजपा की सदस्यता नहीं लेने के कारण रामनगर सीट से प्रत्याशी की घोषणा अभी तक नहीं की गई। पार्टी ने जिले में एक ब्राह्मण, एक क्षत्रिय दो रावत और कुर्मी बिरादरी के उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारकर सभी वर्गों को साधने का प्रयास किया है।
सपा ने पहले ही सभी सिटिंग विधायकों को टिकट दिया है। तो बसपा ने दो मुस्लिम, दो कुर्मी व दो दलित वर्ग के प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। तीनों दलों के उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में उतरने के बाद जिले में मौजूदा तीन मंत्री अरविंद सिंह गोप, फरीद महफूज किदवई व राजीव कुमार सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर है। सबसे रोचक मुकाबला रामनगर में होने की उम्मीद जताई जा रही है।