बाराबंकी। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को काला दिवस मनाया। इस मौके पर भाजपा कार्यालय पर आयोजित की गई संगोष्ठी में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया।
जिला प्रभारी अर्चना मिश्रा ने कहा कि इस दिन 48 साल पहले एक परिवार के लालच एवं अहंकार ने देश में आपातकाल लागू कर दिया। रातों-रात पूरा राष्ट्र जेल में तब्दील कर दिया गया, मीडिया को दबोच लिया गया। देश के महापुरुषों एवं राष्ट्रभक्तों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया। लोकतंत्र की नृशंस हत्या कर दी गई। कहा कि प्रेस, अदालतें, भाषण सब पर पाबंदी लगा दी गई। गरीबों और दलितों पर अत्याचार किए गए। उन्होंने कहा आपातकाल के संघर्ष और यातनाओं को सहन करने वालों के साथ देश हमेशा खड़ा है। इसके साथ ही करोड़ों देशवासियों पर अत्याचार करने वाली कांग्रेस को भी देश की जनता कभी नहीं भूलेगी।
सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इतिहास के इस काले अध्याय का भाजपा पुरजोर विरोध करती है। जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत ने कहा कि सत्ता के मद में चूर कांग्रेसी नेतृत्व ने लाखों देशभक्तों पर जो जुल्म ढाए हैं उसकी सजा वह भुगत रही है। जिला अध्यक्ष शशांक कुसुमेश ने कहा कि लाखों लोगों के प्रयासों से देश में लोकतंत्र बहाल हुआ मगर कांग्रेस में आज भी लोकतंत्र बहाल नहीं हो सका।
लोकतंत्र सेनानी राम खेलावन, प्रेम चंद्र आदि ने भी आपातकाल के दौरान अपने मार्मिक अनुभव साझा किए। लोकतंत्र सेनानियों को अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। संचालन अरविंद मौर्य ने किया। इस अवसर पर अमरीश रावत, प्रमोद तिवारी ,मनोज वर्मा,रचना श्रीवास्तव रामकुमारी मौर्य, करुणेश वर्मा ,रामेश्वरी त्रिवेदी ,डॉ. अंजू चंद्रा, सीता शरण वर्मा,अनूप यादव आदि मौजूद रहे।