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Barabanki: जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र न बनने से अटका बच्चों का दाखिला, दो हजार आवेदन लंबित

Sat, 27 Aug 2022 06:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी

सार

जिले में ऑनलाइन जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र न बन पाने से लोगों को मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। प्रमाणपत्र के दो हजार आवेदन लंबित हैं और आवेदन के बाद निस्तारण के लिए तय 21 दिन की मियाद भी खत्म हो रही है।
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विस्तार
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ऑनलाइन जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का कार्य बीते दो माह से बंद पड़ा है। प्रमाण पत्र न बन पाने से स्कूलों में बच्चों का दाखिला तक नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही मृत्यु प्रमाणपत्र न बनने से हादसे में मारे गए अपनों का मुआवजा पाने के लिए भी परिजनों को ब्लॉक कार्यालय तक की दौड़ लगाकर परेशान होना पड़ रहा है। वर्तमान में दो हजार से अधिक ऑन लाइन आवेदन प्रमाणपत्र बनाने के लिए लंबित है। आवेदन बाद निस्तारण के लिए तय 21 दिन की मियाद भी अब खत्म होने की कगार पर है। इसके बाद प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदक को फिर नए सिरे से आवेदन करना पड़ेगा।

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बीते दिनों ब्लॉक स्तर पर हुए सचिवों के तबादलों के बाद नए तैनात सचिवों के आईडी व पासवर्ड स्वास्थ्य और पंचायती राज विभाग की तरफ से अभी तक जारी नही किया गया है। इसी कारण ऑन लाइन प्रमाणपत्र बनाने में यह परेशानी आ रही है। जिम्मेदारों की इस लापरवाही का खामियाजा जरूरतमंदों को ब्लॉक से लेकर जनसुविधा केंद्रों तक के चक्कर लगा कर उठाना पड़ रहा है। जिले में 219 सचिवों को 1161 ग्राम पंचायतों के 268 क्लस्टर में तैनात किया गया है। दो माह बाद भी अभी तक इन सचिवों का आईडी पासवर्ड जारी नहीं हुआ है। इस कारण सचिव जिले में लंबित जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के आवेदनों पर अपनी संस्तुति नहीं दे पा रहे हैं। इससे जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का कार्य अटका पड़ा है।

उठानी पड़ेगी फिर से आवेदन की परेशानी
नियमानुसार गांवों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र पंचायत सचिव की रिपोर्ट के बाद ही जारी किया जाता है। इसके लिए अधिकतम 21 दिन तक सचिव को रिपोर्ट लगाना होती है। रिपोर्ट न लगाने पर 21 दिन की तय मियाद बाद आवेदक का आवेदन स्वत: निरस्त हो जाता है। प्रमाणपत्र न बन पाने से जिले में करीब दो हजार से अधिक आवेदन या तो निरस्त हो चुके हैं या फिर होने की कगार पर हैं। आवेदन के बाद भी प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराने से लेकर आधार कार्ड बनवाने अथवा किसी मृतक के परिवारीजन को आपदा व अन्य बीमा क्लेम इत्यादि के कार्य के लिए जरूरतमंदों को परेशान होना पड़ रहा है।
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मृत्यु प्रमाणपत्र न बनने से मदद भी अटकी
निंदूरा ब्लॉक क्षेत्र के सिंगतरा गांव निवासी पिता सहजराम का कहना है उनके पुत्र संतोष की मृत्यु करीब बीस दिन पहले एक हादसे में हुई थी। तीन बाद आवेदन करने के बाद भी अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला। इस कारण मुआवजे का आवेदन नहीं हो पा रहा है। रामनगर ब्लॉक के ददौरा गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर दो की दर्दनाक मौत हो गई थी, इसी गांव निवासी राहुल की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। दोनों परिवार मृत्यु प्रमाण पत्र पाने के लिए भटक रहे हैं। वहीं पंचायत भवन से ही यह प्रमाण पत्र जारी करने की बाध्यता तय किए जाने के बाद पंचायती राज विभाग इस व्यवस्था को लागू नहीं कर रहा है।

ब्लॉकवार लंबित प्रमाण पत्रों के आवेदन
फतेहपुर-20, सूरतगंज- 470, रामनगर- 17, हरख- 225, दरियाबाद- 104, सिद्धौर- 235, निंदूरा- 217, पूरेडलई- 18, त्रिवेदीगंज- 55, सिरौलीगौसपुर- 54, बंकी-61, हैदरगढ़--52, बनीकोडर-50

नोडल अधिकारी डॉ. डीके श्रीवास्तव के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सिर्फ दो-तीन ब्लॉक के सचिवों को ही आईडी व पासवर्ड देना बाकी है। जल्द ही इन्हें जारी कर दिए जाने के बाद अटके प्रमाणपत्र बनाने के कार्य पूरा हो जाएगा।

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