विभागीय उदासीनता व अनुरक्षण के अभाव में क्षेत्र के नहरवल व सरदारगंज गांव के बीच शनिवार की रात बिलखिया माइनर कट गई। करीब पांच मीटर कटान होने से कलगभग 700 बीघे आलू, गेहूं सरसों व मटर की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी कोई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। सुबह किसान जब तक माइनर की पटाई करते तब तक सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न हो चुकी थी। जिस स्थान पर नहर कटी थी उसके पास करीब दस बीघे आलू व गेहूं की फसल सिल्ट से पट गई। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
विकास खंड रामनगर के ग्राम नहरवल व सरदारगंज गांव के बीच शनिवार की देर रात करीब पांच मीटर रजबहा कट गई। नहर कटने की शिकायत ग्रामीणों ने तत्काल सींचपाल को दी। 12 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। तेज बहाव होने के कारण आस पास के गांवों की करीब 700 बीघा फसल जलमग्न हो गई। बिलखिया माइनर नहरवल व सरदारगंज गांव के बीच कांशीराम व रानू के बीच निकले नाले के पास कटी थी दोनों किसानों की गेहूं व आलू की दस बीघा फसल सिल्ट से पट गई। इन किसानों का कहना है कि जैसे ही नहर कटी इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कर पानी बंद कराने की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। रविवार सुबह ग्रामीणों ने रेगुलेटर से पानी बंद किया।
पानी का बहाव तेज होने के कारण आस पास के खेत बालू से पट गए। गांव के दीपू वर्मा का तीन बीघा गेहूं, सर्वेश कुमार का दो बीघा आलू, अंबिका प्रसाद का 7 बीघा आलू, 10 बीघा गेहूं, 3 बीघा सरसों, फेरीलाल का 20 बीघा आलू डूब गया। वहीं सत्यनाम, आनंद प्रकाश, मुन्नूलाल, द्वारिका प्रसाद, रामसमुझ, गुरु प्रसाद, राकेश, शिवकुमार वर्मा आदि का कहना है कि जो फसल डूबी हैं वह अब बर्बाद हो जाएगी और दोबारा फसल बोने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं बचा है।
गांव वालों का आरोप है कि अभी 15 दिन पूर्व माइनर की सफाई जेसीबी से कराई गई थी। मशीन से नहर की पटरियों की पटाई सही से न कराने की वजह से माइनर कटी है। नहर की पटरियां काफी कमजोर हैं इस ओर विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बर्बाद किसानों ने कहा कि जिलाधिकारी से मिलकर बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की जाएगी।
अब तक तीन बार कट चुकी माइनर
क्षेत्र की विलखिया माइनर धान के सीजन से लेकर अब तक तीसरी बार कट चुकी है। जिसमें कई हजार बीघा फसल डूबने से किसानों की कमर टूट चुकी है। दस अगस्त को मीरामऊ के पास माइनर कटने से 700 बीघा धान की फसल जलमग्न हुई थी जिससे फसल को काफी नुकसान हुआ था। उसके बाद 15 सितंबर को यही माइनर उसी स्थान पर दोबारा उस समय कटी जब किसानों की करीब 800 सौ बीघे धान की फसल कटी पड़ी थी। लगातार 9 दिन बहने के बाद विभाग ने माइनर की पटाई कराई थी।
किसानों का कहना है कि इस माइनर से किसान सिंचाई कर जितना लाभ उठाते हैं उससे कहीं ज्यादा नुकसान उठा चुकें हैं। इस माइनर की पटरियां दोनों ओर से काफी कमजोर हो चुकी हैं। जिससे आए दिन कहीं ज्यादा पानी छोड़े जाने व कभी सिल्ट से पटी होने के कारण कटती है। धान की कटी फसल में इसी माइनर का पानी खेतों में भरने से सैकड़ों किसान बर्बाद हो चुके हैं।
नहरवल व सरदारगंज गांव के बीच शनिवार की रात बिलखिया माइनर कटने की सूचना मिली है। कर्मचारियों को मौके पर भेजकर सुबह पटाई करा दी गई है। और जहां-जहां पटरी कमजोर है उसे भी सही कराया जाएगा।
- राकेश यादव, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग