हैदरगढ़ (बाराबंकी)। विधानसभा चुनाव की जब भी बेला आती है, तब-तब हैदरगढ़ विधानसभा चुनाव प्रचार में सियासी मंच पर फिल्मी सितारों की चमक की याद सबको आ जाती है। दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के टिकट काटकर कांग्रेस ने युवा नेता सुरेंद्र नाथ अवस्थी पुत्तू भैया को 1985 में चुनाव मैदान में उतारा था। इस चुनाव में कांग्रेसी कार्यकर्ता असमंजस में थे कि इस बार क्या होगा। किंतु प्रचार के दौरान जब कस्बे की एक सभा में अमिताभ और जया बच्चन की जोड़ी मंच पर पहुंची तो वोटर से लेकर कार्यकर्ताओं का उत्साह जीत का सेहरा बांधने तक कायम रहा।
वर्ष 1985 के विधानसभा चुनाव में हैदरगढ़ क्षेत्र से कांग्रेस के तत्कालीन विधायक पंडित श्यामलाल बाजपेई और पूर्व विधायक हामिदा हबीबुल्लाह का टिकट कटने से कार्यकर्ताओं में मायूसी थी। कांग्रेेस पार्टी ने युवा नेता सुरेंद्रनाथ अवस्थी को क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए लखनऊ से भेजा था। तब के दिग्गज कांग्रेसी पूर्व चेयरमैन पुरुषोत्तम अग्रवाल बताते हैं कि कस्बे के रामलीला मैदान में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन ने जया बच्चन के साथ सभा कर पूरा माहौल बदल दिया था।
मंच से अमिताभ बच्चन ने कहा था कि मुझे प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मित्रता राजनीति में लाई है और सुरेंद्रनाथ अवस्थी से व्यक्तिगत संबंधों के कारण हैदरगढ़ की धरती पर आया हूं। उन्होंने पुत्तू भइया के पक्ष में अपील करते हुए जीतने पर दोबारा आने का वादा भी किया था। पूर्व मुख्यमंत्री बीर बहादुर सिंह भी सभा में मौजूूद थे और उन्होंने हैदरगढ़ को नगर पंचायत बनाने का आश्वासन दिया। हैदरगढ़ के नगर पंचायत बनने पर मुख्यमंत्री रहते हुए बीर बहादुर सिंह ने आकर सभा की, लेकिन अमिताभ बच्चन दोबारा क्षेत्र में तब नहीं आ सके।
पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ अवस्थी की पत्नी ग्राम्यांचल परिवार की मुखिया प्रेमा अवस्थी पुराने दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि पूर्व विधायक हामिदा हबीबुल्लाह ने पार्टी से टिकट कटने के बावजूद व्यापक जनसंपर्क किया। जिससे 1985 के चुनाव में कांग्रेस की जीत का रास्ता आसान हो गया। बेगम हामिदा हबीबुल्लाह ने त्रिवेदीगंज, भिलवल, सुबेहा, हैदरगढ़ कस्बा, जासेपुर आदि क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की नाराजगी दूर की। उन्होंने लोगों से कहा हमको पार्टी से टिकट नहीं मिला तो क्या हो गया, मेरा बेटा चुनाव लड़ रहा है और आप लोग उसका साथ दीजिए।