रामनगर विधानसभा क्षेत्र से सपा से टिकट न मिलने से खफा राकेश वर्मा का भारतीय जनता पार्टी में जाना तय हो गया है। रामनगर विधानसभा सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाया जाएगा। राज्यसभा सदस्य बेनीप्रसाद वर्मा के भी भाजपा में जाने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सूत्र बताते हैं कि राज्यसभा सदस्यता के चलते वे अभी बेटे को पर्दे के पीछे से ही आशीर्वाद देंगे।
शनिवार को शहर के कंपनी बाग स्थित आवास पर राकेश वर्मा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ रामनगर से विधानसभा चुनाव लड़ने की संभांवनाआें पर रणनीति बनाते रहे। करीबी सूत्रों के अनुसार राकेश वर्मा का सपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने का पूरा तानाबाना तैयार हो गया है।
शाम को उन्होंने अपने समर्थकों को इशारे में कहा कि सब ठीक होगा, खुशखबरी जल्द मिलेगी। चुनावी तैयारी में जुटे रहें। मालूम हो कि मुलायम सिंह के करीबी बेनीप्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा सपा में शामिल होने के बाद लगातार रामनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे। यहां से अरविंद सिंह गोप सपा के विधायक और मंत्री हैं। सपा ने उन्हें फिर चुनाव मैदान में उतारा है।
राकेश को कैसरगंज से टिकट देकर समझाने का प्रयास किया गया पर उन्होंने वहां से चुनाव लड़ने से साफ इंकार कर दिया। गोप और बेनी बाबू के बीच चल रही उठापटक के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साधकर राकेश का भाजपा में जाना तय हो गया है। बताते हैं कि शनिवार को कई बार भाजपा के कुछ बड़े नेताओं से संपर्क कर भाजपा में दाखिला और रामनगर से विझानसभा चुनाव लड़ने का खाका खींचा गया है।
दूसरे दल के दावेदारों में खलभली
रामनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के दावेदारों व अन्य दल के प्रत्याशी राकेश वर्मा की उम्मीदवारी को लेकर सशंकित रहे। उम्मीदवारों का कहना था कि बेनी बाबू ने दांव चलाया तो उनके किए धरे पर पानी फिर जाएगा।