सियासी अखाड़े के दिग्गज खिलाड़ी बेनीप्रसाद वर्मा का राजनीतिक दांव एक बार फिर उल्टा पड़ गया। पुत्र राकेश वर्मा को सियासी विरासत सौंपने के लिए बीते तीन दिन में चले सारे दांव को दरकिनार कर भाजपा ने राकेश को रामनगर से टिकट देने से इंकार कर दिया है। भाजपा ने इस सीट से पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शरद कुमार अवस्थी को प्रत्याशी घोषित कर दिया। अब बेनी बाबू अपने अगले दांव पर सिर्फ इतना कह रहे हैं कि अभी कुछ तय नहीं है।
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य बेनी प्रसाद वर्मा ने सपा से बेटे राकेश को रामनगर से टिकट न दिला पाने के बाद चुनाव लड़ाने के लिए भाजपा हाईकमान से संपर्क साधा था। बात फैसले के मुकाम तक इस कदर पहुंच गई थी कि भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के लिए राकेश ने समर्थकों के साथ लखनऊ व फिर दिल्ली में डेरा डाल लिया था, पर ऐन वक्त पर मामला टल गया।
उत्साहित समर्थक आज शाम उस समय मायूस हो गए जब रामनगर विधानसभा क्षेत्र से शरद कुमार अवस्थी के नाम की घोषणा कर दी गई। भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि भाजपा राकेश के साथ बेनी बाबू को भी पार्टी में लाना चाहती थी।
भाजपा आलाकमान ने उन्हें दल में शामिल होने और पूरे प्रदेश में चुनावी मुहिम पर निकलने को कहा पर बाबू जी इसे अभी टाल रहे थे। समर्थक बताते हैं कि आज दोपहर में भाजपा हाईकमान से दो बार वार्ता होने के बाद बात बिगड़ गई। बेनी बाबू का अगला कदम क्या होगा इसके बारे में पूछने पर पहले तो इंकार किया फिर सिर्फ इतना बोले कि अभी कुछ तय नहीं है।
बेनी बाबू ने अपने बेटे राकेश वर्मा को स्थापित करने के लिए भाजपा में भेजने के लिए कहा था कि रावण का बध करने के लिए राकेश को राम का सहारा लेना होगा। किन्तु उनके इस बयान के बाद लंबे समय तक मुस्लिम वर्ग के उनके समर्थक काफी मायूस थे। उनके बिगड़ने और राज्यसभा सदस्यता के मोह के कारण वह शायद भाजपा में जाने से हिचक रहे थे।