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Barabanki News: शिक्षकों की पसंद बाराबंकी, जाने वाले दो तो आने वाले 20

Tue, 13 Jun 2023 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले की प्रक्रिया तेज हो गई है। बीते शुक्रवार देर रात पोर्टल खुलने के बाद शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन करने शुरू कर दिए हैं, मगर अन्य जिलों की अपेक्षा बाराबंकी में कुछ अलग माहौल है। यहां से गैर जिलों को जाने वाले शिक्षक बहुत कम हैं, वहीं आने वालों की लंबी लाइन है। यहां जाने वाले अगर एक या दो हैं तो आने वाले 15 से 20 शिक्षक हैं।
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जिले में कुल 2636 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 1792 प्राथमिक विद्यालय, 475 पूर्व माध्यमिक विद्यालय व 369 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में आठ हजार से अधिक शिक्षक व शिक्षिकाएं तैनात हैं। इससे पहले वर्ष 2019 में अंतर जनपदीय तबादले हुए थे। विभाग ने अंतर जनपदीय तबादले के लिए आठ जून से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कहा था। सारी कार्यवाही पूरी करने के बाद 27 जून को शिक्षकों को कार्यमुक्त करने की बात कही गई थी। लेकिन पोर्टल नहीं चलने से शिक्षक परेशान थे। शुक्रवार की देर रात पोर्टल खुला तो शनिवार सुबह से ही शिक्षकों ने आवेदन करने शुरू कर दिए।



हजारों शिक्षकों के एक साथ आवेदन करने से पोर्टल बहुत धीरे काम कर रहा है। लेकिन, दिलचस्प बात यह है कि बाराबंकी से अन्य जिलों को जाने वाले शिक्षकों की अपेक्षा आने वालों की संख्या कई गुना ज्यादा है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय बताते है कि डेढ़ से दो हजार शिक्षक बाराबंकी आना चाहते हैं, लेकिन यहां से जाने वाले शिक्षकों की संख्या 100 से 200 के बीच ही होगी। बीएसए संतोष देव पांडेय भी स्वीकार करते हैं कि बाराबंकी में तैनाती चाहने वालों की संख्या बहुत है। कितने आवेदन आए, यह सोमवार को पता चलेगा।
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इसलिए बाराबंकी में चाहते हैं तैनाती

दरअसल, जो शिक्षक लखनऊ में रह रहे हैं, उनके लिए सबसे करीब बाराबंकी जिला ही है। निंदूरा, त्रिवेदीगंज, बंकी, हरख व हैदरगढ़ के स्कूलों में तैनाती पाना चाहते हैं। इसके अलावा रायबरेली, सीतापुर, अयोध्या, अमेठी आदि जिलों के शिक्षक भी बाराबंकी आना चाहते हैं।

असाध्य रोग से पीड़ितों को फिर मिलेगा लाभ

तबादले के लिए आवेदन करने वाली शिक्षिकाएं कम से कम दो साल जिले में ही तैनात रही हों, जबकि पुरुष शिक्षक के लिए यह अवधि पांच साल है। ऐसे शिक्षक जो असाध्य या गंभीर रोग से पीड़ित है, या पति-पत्नी या संतान में कोई भी पीड़ित है और उनके की ओर से पूर्व में अंतर जनपदीय तबादले का लाभ लिया जा चुका है, वे दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
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