बाराबंकी। आधार बनाने व संशोधन कराने के लिए मची जद्दोजहद के बीच सुखद खबर है। बच्चों का आधार बनाने में बाराबंकी जिला प्रदेश में चौथे स्थान पर है। अब डीएम की पहल पर जिले के सभी 15 ब्लॉकों में स्थायी आधार केंद्र खुलने जा रहे हैं। इसकी स्वीकृति मिल गई है। इतना ही नहीं 13 नगर निकायों में भी आधार केंद्र खोलने की मांग शासन से कर दी गई है। इससे अब आधार बनवाने व संशोधन कराने में लोगों को आसानी रहेगी।
सरकार शून्य से पांच साल तक के बच्चों के आधार बनाने पर काफी जोर दे रही है ताकि इनको किसी योजना के लाभ से वंचित न होना पड़े। अगस्त में बच्चों के आधार बनाने की प्रक्रिया की प्रदेश स्तरीय समीक्षा हुई। उसमें 75 जिलों की रैकिंग जारी हुई। इसमें प्रतापगढ़ पहले स्थान पर, मैनपुरी दूसरे, रामपुर तीसरे व बाराबंकी चौथे स्थान पर है।
केवल अगस्त माह की बात करें तो बाराबंकी में पांच साल के 4252 बच्चों के आधार बनाए गए। ये हालात तब हैं जब केवल 34 फीसदी बच्चों के आधार बने हैं। अमर उजाला इसे लेकर लगातार अभियान चला रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए डीएम सत्येंद्र कुमार ने यूआईडीएआई को पत्र लिखकर जिले के 15 ब्लॉकों में स्थायी आधार केंद्र खोलने की मांग की थी जिसे स्वीकृति मिल गई है।
ब्लॉकों में स्थान का चयन कर लिया गया है। कर्मचारियों की व्यवस्था भी कर ली गई है और अब इन जगहों के लिए मशीनों की खरीद करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि नगर पालिका व 13 नगर पंचायतों में अलग से आधार केंद्र खोलने के लिए विशेष सचिव नियोजन को पत्र लिखा गया है। इसकी स्वीकृति भी जल्द मिलने की उम्मीद है।
बच्चे ही बचे, बाकी सबके बन गए आधार
शून्य से पांच साल तक के बच्चों की संख्या जिले में 4,07,621 है। अगस्त माह तक इनमें से 1,37,429 बच्चों के आधार बन चुके हैं जो कुल बच्चों का करीब 34 प्रतिशत है। पांच से 18 साल तक के लोगों की संख्या 9,96,819 व 18 साल से अधिक उम्र वालों की संख्या 23,91,304 है जिसमें सभी के आधार बन चुके हैं।
तीन माह में 80,385 आधार संशोधित
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा यादव रोजाना आधार बनाने व संशोधन की समीक्षा कर रही हैं। इसके लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बना है। उन्होंने बताया कि तीन माह में 80,385 आधार का संशोधन हुआ जबकि 6,119 नए आधार बने।