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Barabanki Ground Report: लोधेश्वर धाम, ओडीओपी और उद्योगों से कितनी बदली तस्वीर? जानिए बाराबंकी की जनता की राय

Thu, 18 Jun 2026 05:36 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी

सार

Barabanki Ground Report: अमर उजाला की टीम बाराबंकी पहुंची और यहां हुए विकास कार्यों का आम लोगों के जीवन पर पड़े असर को समझने की कोशिश की। टीम ने स्थानीय व्यापारियों और निवासियों से बातचीत कर जाना कि बीते वर्षों में जिले में क्या बदलाव आए हैं।
 
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Barabanki Ground Report - फोटो : अमर उजाला GFX
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विस्तार
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Barabanki Ground Report:  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। सभी राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों में जुटे हैं और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में अमर उजाला की टीम 'यूपी सक्षम' अभियान के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों से जमीनी हकीकत जानने के लिए लगातार ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रही है। इसी कड़ी में टीम बाराबंकी पहुंची, जहां लोधेश्वर धाम कॉरिडोर, औद्योगिक विकास और ओडीओपी योजना का लोगों के जीवन पर कितना असर पड़ा है, इसे लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत की और जमीनी स्तर पर बदलाव की पड़ताल की।
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ओडीओपी योजना से कितनी बदली बुनकरों की तस्वीर
बाराबंकी में ओडीओपी योजना का असर बुनकरों के जीवन में साफ दिखाई दे रहा है। अमर उजाला की टीम ने इस योजना के लाभार्थियों और स्थानीय बुनकरों से बातचीत कर जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की। लाभार्थी जफर अहमद ने बताया कि उन्होंने ओडीओपी योजना के तहत बैंक से ऋण लेकर नई मशीन लगाई। इसके बाद उनके काम में तेजी आई और दिल्ली व मुंबई जैसे बड़े शहरों से ऑर्डर मिलने शुरू हो गए। उन्होंने बताया कि पहले उनका कारोबार सीमित था, लेकिन अब बाराबंकी के स्टोल को नई पहचान मिली है।



जिले में करीब 15 से 20 हजार बुनकर इस काम से जुड़े हैं। पहले जहां कारोबार 20 से 30 लाख रुपये तक सीमित था, वहीं अब यह बढ़कर करीब दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। महिला बुनकर फरहाना बानो ने बताया कि इस योजना से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम थे, लेकिन अब बड़ी संख्या में महिलाएं बुनाई के काम से जुड़ रही हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।



लोधेश्वर धाम का कितना बदल रहा है स्वरूप

बाराबंकी के प्रसिद्ध लोधेश्वर धाम को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर कॉरिडोर का निर्माण तेजी से चल रहा है। अमर उजाला की टीम ने स्थानीय लोगों, पुजारियों और व्यापारियों से बातचीत कर इस परियोजना का असर जानने की कोशिश की। स्थानीय निवासी बृजेश शुक्ला ने बताया कि कॉरिडोर का निर्माण सराहनीय है। प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है और यहां पार्क, श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए विश्राम गृह समेत कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्थानीय पंडित कारण अवस्थी का कहना है कि निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और आसपास के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। लोधेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी आदित्य तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर धाम का भव्य विकास किया जा रहा है। यहां हर साल चार बड़े मेले लगते हैं और लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं के ठहरने और अन्य सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
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औद्योगिक विकास पर स्थानीय लोगों ने क्या कहा

बाराबंकी में औद्योगिक विकास को लेकर भी बदलाव महसूस किया जा रहा है। अमर उजाला की टीम ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि उद्योगों के विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी का जिले पर कितना असर पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जिले में कई नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि पहले शाम होते ही बाजार जल्दी बंद हो जाते थे, लेकिन अब सुरक्षा का माहौल बेहतर होने से दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं और खरीदारी करने वालों की संख्या भी बढ़ी है।

स्थानीय निवासी सोमनाथ सोनी ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। वहीं आशीष गुप्ता का कहना है कि अब स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। जिले की बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था के कारण उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है और लोगों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
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