बाराबंकी। बारिश और ओलावृष्टि में तबाह हो चुुकी फसलों की भरपाई होना मुश्किल है। नुकसान का आंकलन करने उतरी सरकारी मशीनरी कहीं दो तो कहीं दस प्रतिशत तक नुकसान होने की रिपोर्ट दे रही है। ऐसे में किसान सर्वे की पेचीदगी में उलझ कर रह गया है। 33 प्रतिशत से कम नुकसान पर राजस्व विभाग मुआवजा नहीं देगा, जबकि कृषि विभाग 50 प्रतिशत से कम नुकसान पर त्वरित सहायता मुहैया नहीं करा सकेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सिर्फ 82 हजार किसानों तक ही सीमित रहेगा। ऐसे में करीब सवा चार लाख किसानों के लिए अपनी फसलों की लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।
मार्च माह में अब तक हुई 199 मिमी बारिश के साथ ओलावृष्टि से फसलें तबाह हो गई हैं। नवाबगंज, फतेहपुर हैदरगढ़, रामनगर व सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्रों में गेहूं, आलू, सरसो, मसूर, अफीम के साथ ही तमाम सब्जियों एवं फलों की फसलें नष्ट हो गईं। तहसील, कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बुुधवार को गांवों के भ्रमण पर निकले। टीम ने नजरी सर्वे करते हुुए रिपोर्ट भेजनी शुरू कर दी है, लेकिन इससे किसानों को लाभ के आसार नहीं दिख रहे। भारी बारिश व ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में पांच से दस प्रतिशत नुकसान का आंकलन किया गया, जबकि अन्य क्षेत्रों में नुुकसान दो से पांच प्रतिशत तक ही सीमित है। हैदरगढ़, नवाबगंज, बनीकोडर जैसे इलाकों में एक से छह प्रतिशत एवं सूरतगंज, देवा, हरख, त्रिवेदीगंज, निंदूरा मे दस प्रतिशत तक फसलों नष्ट होने की रिपोर्ट आ रही है। रामनगर, पूरेडलई में कोई भी नुकसान न होने की रिपोर्ट आई है।
ये है मुआवजे की प्रक्रिया
उपनिदेशक कृषि श्रवण कुमार बताते हैं कि प्राकृतिक आपदा से फसलों को 33 प्रतिशत सेे अधिक नुकसान होने पर राजस्व विभाग आपदा प्रबंधन के तहत मदद मुहैया कराता है। 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की स्थिति में कृषि विभाग नोटिफिकेशन जारी करता है। इस पर डीएम की ओर से निदेेशक सांख्यिकी को पत्र लिखा जाता है और तात्कालिक सहायता के रूप में कुल बोआई के सापेक्ष औसत उत्पादन निकाल कर 25 प्रतिशत नुकसान की धनराशि मुहैया कराई जाती है। फसल कटने के बाद बोआई और उत्पादन में आने वाले अंतर के आधार पर शेष नुकसान की भरपाई की जाएगी।
फतेहपुुर व नवाबगंज में सर्वाधिक हुई बारिश
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि मार्च माह में अब तक 199 मिमी बारिश हो चुकी है। इसमें सर्वाधिक बारिश फतेहपुर में 88 एमएम रिकॉर्ड की गई है, जबकि सदर तहसील में 66 एमएम बारिश हुई है। सरकारी दस्तावेजों में रामसनेहीघाट में तीन, हैदरगढ़ में 12, रामनगर मेें दस और सिरौलीगौसपुर में 11 एमएम बारिश हुई है।
सर्वे कराने में जुटे जिम्मेदार
फतेहपुर में फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक बृहस्पतिवार की शाम तक ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सर्वे पूर्ण होने तक आंकलन करना मुश्किल है। रामनगर में एसडीएम तान्या सिंह ने बताया कि यहां ज्यादा ओले नहीं गिरे हैं और न ही ज्यादा बारिश हुई है। इससे ज्यादा नुकसान नहीं होने का अनुमान है। सिरौलीगौसपुर में सब्जी व अफीम को सबसे ज्यादा नुुकसान पहुंचा है, लेकिन अभी सर्वे जारी होने की बात कही जा रही है। हैदरगढ़ के तहसीलदार शशि कुमार त्रिपाठी के मुताबिक कुछ गांवों को छोड़कर अधिक नुकसान नहीं है।