जमुआ गांव के 23 वर्षीय सनी शुक्ला का चयन प्रतिष्ठित परमाणु अनुसंधान संस्थान में वैज्ञानिक अधिकारी पद पर हुआ है। साधारण परिवार से आने वाले सनी ने अपनी सफलता का श्रेय पिता के संघर्ष, समर्थन और अनुशासित तैयारी को दिया। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा और मेहनत का उदाहरण बनी है।
जमुआ गांव के सनी शुक्ला ने 23 वर्ष की उम्र में अपनी मेधा का परचम लहराया है। उनका चयन देश के प्रतिष्ठित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर हुआ है। एक अत्यंत सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले सनी की इस अद्वितीय सफलता से संपूर्ण क्षेत्र में उल्लास है। सनी के पिता ड्राइवर हैं।
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सनी ने बताया कि यह यात्रा सुगम नहीं थी। उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार को समर्पित किया। भावुक होते हुए सनी ने कहा, मेरे पिता राघवेंद्र कुमार शुक्ला पेशे से एक वाहन चालक हैं, परंतु उन्होंने मेरे सपनों की उड़ान में कभी कोई बाधा नहीं आने दी। उनका कठोर श्रम, हर कदम पर उत्साहवर्धन और मेरी अनुशासित तैयारी ही इस सफलता का मूल मंत्र है।
सनी के इस ऊंचे ओहदे पर आसीन होने से उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। विश्व हिंदू परिषद के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख महंत मोनू पांडेय सहित शुभचिंतकों, संबंधियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सीमित संसाधनों के उपरांत भी सनी शुक्ला की यह सफलता अब क्षेत्र के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए आदर्श बन गई है।