बाराबंकी। वित्तीय अनियमितता व शासकीय धन के दुरुपयोग में पिछले 19 साल से निलंबित चले रहे शिक्षक धीरेंद्र वर्मा को आखिरकार सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। वर्ष 2006 में तत्कालीन उप बेसिक शिक्षाधिकारी कमला वर्मा की जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को निलंबित किया गया था। 19 साल तक चले निलंबन के बाद बीते दिनों आरोपी शिक्षक को सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई।
बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय ने बताया कि उपबेसिक शिक्षाधिकारी कमला वर्मा के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद मामले की जांच बीईओ बंकी, सहायक अभियंता और अवर अभियंता सर्व शिक्षा अभियान की तीन सदस्यीय टीम कर रही थी। टीम की रिपोर्ट के बाद 24 नवंबर 2020 को निलंबित चल रहे शिक्षक धीरेंद्र वर्मा को अपना पक्ष रखने का नोटिस जारी किया गया। लेकिन इनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। जांच टीम ने यह भी लिखा कि जिस विद्यालय से उन्हें संबद्ध किया गया था वहां पर भी इनकी उपस्थिति प्रमाणित नहीं हुई। इसको लेकर इनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास भी किया गया परंतु कोई संपर्क नहीं हो सका।
शिक्षक धीरेंद्र वर्मा को कार्य प्रभारी नियुक्त करते हुए पारा कुंवर विद्यालय के भवन निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था। जबकि इनकी तैनाती प्राथमिक विद्यालय देवकहा बंकी में थी। इस दौरान इन पर वित्तीय अनियमितता व शासकीय धन के दुरूपयोग का आरोप लगा था। जिस पर इनके खिलाफ आठ अक्टूबर 2006 को सतरिख थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। बीएसए ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर इन्हें बर्खास्त करने का निर्देश दिया गया है।