बाराबंकी शहर स्थित ऐतिहासिक धनोखर हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।
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लाल देह लाली लसे अरु धरि लाल लंगूर... व हनुमान चालीसा पाठ के स्वर भोर से ही मंदिरों में गूंज उठे। ज्येष्ठ माह के पहले बड़े मंगल के चलते भोर से ही मंदिर जाने वाले मार्गों पर भक्तोें की भीड़ दिखाई देने लगी। मंदिर पहुंचे भक्ताें ने बजरंग बली के दर्शन कर उनकी कृपा व प्रसाद लिया।
घंटे घड़ियाल की आवाज के बीच मंदिरों में बजरंगबली के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। तेज धूप होने के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। हनुमत भक्ति के गीताें के बीच भक्त दिनभर भंडारे का प्रसाद व शरबत का वितरण करते रहे।
ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल उत्सव सरीखा रहा। भोर से ही मंदिरों समेत कई स्थानों पर गूंज रहे भक्तिगीत और प्रसाद का वितरण ने पर्व का रूप दे दिया। मंगलवार को भोर से ही भक्तों का मंदिर जाना शुरू हो गया। सूर्योदय के पूर्व से ही मंदिर जाने वाले मार्गों में भक्तों की भीड़ दिखने लगी।
मंदिर पहुुंचे कुछ भक्तों ने हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ किया तोे कुछ भक्तों ने माला फूल व प्रसाद अर्पित कर जयकारे लगाए। घंटा-घड़ियाल के बीच जय हनुमान के जयकारों व भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह पवन सुत के भक्तिगीत गुंजायमान हो रहे थे।
शहर में कई स्थानाें में सब्जी पूड़ी, छोला-चावल, हलवा, शबरत का स्टॉल लगाकर वितरण किया गया। इस दौरान इन स्टॉलाें पर राहगीरों की भारी भीड़ रही। तेज धूप के बावजूद स्टॉलाें पर पंक्तिबद्घ होकर लोगाें ने शर्बत व प्रसाद ग्रहण किया।
शहर के कैलाश आश्रम, धनोखर मंदिर, नागेश्वरनाथ मंदिर, संतोषी माता मंदिर पर बजरंग बली के दर्शन को भक्ताें का तांता लगा रहा। मंदिरों में सुबह व शाम भक्ताें की भीड़ लगी रही। विशेष तौर पर धनोखर स्थित हनुमान मंदिर पर दूर-दूर से आए भक्ताें ने हनुमान जी की आराधना की। अनेकाें भक्ताें ने बड़े मंगल पर व्रत रखकर घर पर बजरंग बली की आराधना की।