बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नित्यानंद श्रीनेत ने मुख्तार अंसारी से जुड़े एंबुलेंस मामले में दो आरोपियों सलीम व शोएब मुजाहिद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया है। दोनों पर आरोप है कि श्याम संजीवनी अस्पताल की मालकिन के साथ मिलकर कूटरचित तरीके से बाराबंकी में फर्जी निर्वाचन पत्र बनवाकर उस पते पर एंबुलेंस का रजिट्रेशन करवाने में अहम भूमिका निभाई थी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार अवस्थी ने न्यायालय में बताया कि अभियुक्त सलीम व मुजाहिद का डॉ. अलका राय से संबंध था और उसने ही डॉ. राय के श्याम संजीवनी अस्पताल के लिए एंबुलेंस का बाराबंकी के फर्जी पते पर पंजीयन कराने का काम किया था। जो कि माफिया मुख्तार अंसारी के लिए प्रयोग हो रही थी।
प्रकरण संज्ञान में आने के बाद शासन स्तर पर इसकी जांच कराई गई थी। जिसमें निर्वाचन कार्ड पूर्णतया फर्जी और जालसाजी करके बनाया पाया गया था। क्योंकि रफी नगर मोहल्ले के मकान संख्या 56 के आधार पर यह रजिस्ट्रेशन कराया गया था। वह उस जगह पर नहीं बल्कि उसके निकट मोहल्ला अभय नगर में मकान संख्या 56 स्थित है।
यह स्पष्ट है कि जो एंबुलेंस यूपी 41 एटी 7171 उक्त पते पर पंजीकरण कराई गई, वह पता फर्जी है। दोनों अभियुक्त मऊ जिले के निवासी हैं और एंबुलेंस का पंजीयन जिले में कराया गया है। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता व प्रकृति को ध्यान में रखते हुए दोनों आरोपियों की जमानत खारिज कर दी है।