बाराबंकी। ग्रामीण इलाकों की सूरत बदलने के लिए शासन ने बड़ा कदम उठाया है। वीबी-जीरामजी योजना के बजट आवंटन को लेकर नया फॉर्मूला तैयार किया गया है। अब जिले की ग्राम पंचायतों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटा जाएगा। इस ग्रेडिंग के आधार पर ही विकास का बजट जारी होगा।
इस नई व्यवस्था में पंचायत पे एडवांसमेंट इंडेक्स के जरिए 70 प्रतिशत अंक तय होंगे। पंचायती राज विभाग विभिन्न मानदंडों के आधार पर श्रेणियों का आवंटन कर रहा है। योजना में पिछड़ेपन को प्राथमिकता का आधार बनाया गया है। जो पंचायत जितनी अधिक पिछड़ी होगी, उसे उतने ही ज्यादा अंक और बजट दिया जाएगा। इसके विपरीत आकांक्षी ब्लॉकों को कम अंक मिलेंगे।
जिला मुख्यालय से दूरी को भी इसका मुख्य पैमाना बनाया गया है। दूर-दराज की पंचायतों को पिछड़ा मानकर अधिक अंक दिए जाएंगे। सबसे राहत की बात यह है कि मनरेगा की तरह बजट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। काम के हिसाब से श्रेणी के अनुसार एडवांस पैसा दे दिया जाएगा। फिलहाल राज्य स्तर से मिले अंकों का जिले में सत्यापन चल रहा है। जांच पूरी होते ही प्रदेश स्तर से अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी।
आपके गांव को कैसे मिलेगा लाभ
पिछड़े और दूर-दराज के ब्लॉकों को अधिक अंक दिए जाएंगे, जबकि आकांक्षी ब्लॉकों को कम अंक मिलेंगे। जिन पंचायतों में बीते पांच वर्षों के दौरान अधिक मजदूर लगे हैं और ज्यादा मानव दिवस सृजित हुए हैं, उन्हें कम अंक मिलेंगे। इससे विकास की दौड़ में पीछे छूट गए गांवों को आगे आने का पूरा मौका मिलेगा। इसके अलावा मनरेगा की तरह मजदूरी और मैटेरियल के बजट का अलग-अलग इंतजार खत्म कर दिया गया है। तय श्रेणी के अनुसार काम शुरू होने से पहले ही एडवांस फंड जारी होगा। जिला स्तर पर चल रहे सत्यापन के बाद शासन स्तर से फाइनल मेरिट सूची जारी कर काम शुरू कराया जाएगा।