एआरटीओ कार्यालय पर लिपिक की पिटाई के बाद अफरातफरी का रहा माहौल।
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एआरटीओ कार्यालय में सक्रिय दलालों व एक लिपिक के बीच मंगलवार को जमकर विवाद हुआ। फर्जी कागजात से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने को लेकर हुए इस विवाद के बाद हाथापाई तक की नौबत आ गई।
इसके विरोध में कार्यालय के कर्मचारियों ने करीब दो घंटे तक कामकाज ठप रखा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की लेकिन आरोपी भाग निकले है। लिपिक की तरफ से अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है।
एआरटीओ कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात सरवन कुमार मंगलवार को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों के कागजात चेक कर रहे थे। इस दौरान एक डीएल के कागजात फर्जी मिलने पर बाबू ने लाइसेंस बनवाने वाले से कहा कि यह फर्जी कागजात है इसकी शिकायत अधिकारियों से की जाएगी।
जिसके बाद बाबू व लाइसेंस बनवाने के लिए खड़े दलालों के बीच वार्तालाप के बीच विवाद होने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई तक नौबत आ गई जिसके बाद पहुंचे एआरटीओ प्रशासन राजेश्वर यादव को देख दलाल भाग निकले।
इस मामले के बाद नाराज कर्मचारियों ने कार्यालय में कामकाज ठप कर दिया। इसके चलते करीब दो घंटे तक कार्य बाधित रहा। लिपिक सरवन कुमार ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर पुलिस को दी गई है।
इनका कहना है कि फर्जी कागजात के सहारे जबरन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का दबाव डाला जा रहा थ मना करने पर यह विवाद हुआ है। हालांकि एआरटीओ प्रशासन ने इसे मामूली विवाद बताते हुए मामला निपटा लेने की बात कही। मौके पर पहुंचे आवास विकास चौकी प्रभारी राकेश चंद्र साहू ने बताया कि मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।