जैदपुर (बाराबंकी)। संत कवि बाबा बैजनाथ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरख में शुक्रवार को एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन हुआ। इसमें मौजूद वक्ताओं ने अवध की लोक संस्कृति और तुलसी के साहित्य पर विस्तार से चर्चा की। गोस्वामी तुलसीदास का रामचरितमानस अवधी साहित्य की प्रमुख कृति है। रामचरितमानस के अतिरिक्त तुलसीदास ने कई अन्य ग्रंथ भी अवधी में लिखे हैं। इसी तुलसी के साहित्य को अवधी की धरोहर माना जाता है।
महाविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि रामनगर पीजी कॉलेज के बीएड विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अखिलेश पटेल ने कहा कि बाराबंकी की पहचान आज से नहीं बल्कि संयुक्त प्रांत जब था तब से है। बाराबंकी अपनी लोक संस्कृति, परंपरा एवं उपजाऊ कृषि के रूप में विख्यात है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. मंजरी नौटियाल ने करते हुए कहा कि अवध क्षेत्र का बड़ा भूभाग बाराबंकी के हिस्से में आता है, जहां पर अवधी बोली जाती है।
अवध की लोक संस्कृति विश्वविख्यात है। बाबा तुलसी का साहित्य अवधी साहित्य की धरोहर है। कार्यक्रम का संचालन बाबा बैजनाथ कल्चरल क्लब के प्रभारी डॉ. अजीत कुमार सिंह द्वारा किया गया। प्रो. राजेश कुमार चतुर्वेदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।