बाराबंकी। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत बिजली का भार कम करने और सौर ऊर्जा की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए जिले में इस वित्तीय वर्ष करीब 17000 घरों को सौर ऊर्जा से रोशन किया जाएगा। इसके तहत एक से 10 किलोवाट तक के प्लांट घरों में लगाए जा सकेंगे। जिले में मार्च माह से अभी तक 759 लोगों को लाभ मिल चुका है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर की छत पर सोलर एनर्जी प्लांट लगाया जाता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। एक किलोवाट कनेक्शन में 65000 रुपए खर्च होते है। जिसमें 30000 केंद्र सरकार और 15000 राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है इस प्रकार करीब 45000 की छूट मिल जाती है। एक से लेकर 10 किलोवाट तक के प्लांट घरों में लगवा जा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर 10 किलोवाट वाले प्लांट में 5 लाख का खर्चा आता है। इसमें से करीब 1.08 लाख रुपये के अनुदान का प्रावधान है। इस योजना के संचालन का जिम्मा नवीन नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) को दिया गया है।
जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 17000 घरों में प्लांट लगाने का लक्ष्य दिया गया। बिजली की बचत होने से पावर कॉरपोरेशन भी इसका प्रचार प्रसार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सोलर पैनल का उपयोग करने से बिजली उत्पादन के लिए जो कार्बन इमिशन होता है, वह कम हो जाता है, जिससे पर्यावरण को लाभ होता है। सब्सिडी के साथ सोलर पैनल लगवाना किफायती और फायदेमंद है। पॉवर कार्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता राजबाला ने बताया कि सोलर पैनल सब्सिडी का प्रमुख उद्देश्य ऊर्जा की बचत को बढ़ावा देना है। सोलर पैनल सिस्टम लगाने की सब्सिडी से लोग ऊर्जा खर्च में कटौती कर सकते हैं। योजना के तहत अभी तक 759 लोगों को इसका लाभ दिया जा चुका है। (संवाद)