बाराबंकी। पीएम आवास की दूसरी किस्त के लिए ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) पर पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए लाभार्थी जाहिदा खातून के पति जुबैर ने बुधवार सुबह जिलाधिकारी कार्यालय के सामने परिवार के साथ पहुंचकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने आग बुझाकर किसी तरह उसकी जान बचाई। डीएम ने जांच का आदेश देते हुए पीड़ित को आश्वासन दिया कि उसे सभी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। वहीं, लाभार्थी को प्रताड़ित करने के आरोप में वीडीओ बीना कुमारी और दूसरे आरोपी अतुल कुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। सचिव की विभागीय जांच भी शुरू कराई गई।
जुबैर अशोकपुर चाचूसराय के मजरा डीह का रहने वाला है। बुधवार सुबह अपने बच्चों के साथ डीएम कार्यालय के बाहर पहुंचा। इस दौरान डीएम अपने कक्ष में जनता से मिल रहे थे, तभी जुबैर ने बिना किसी से कुछ बताए अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। इससे उसका चेहरा झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाकर उसे डीएम के समक्ष प्रस्तुत किया। डीएम ने उसकी पूरी बात सुनकर आवास की दूसरी किस्त जारी कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद सीएमओ को बुलाकर इलाज के लिए भेजवाया।
जुबैर का आरोप
जुबैर का आरोप है कि बीते वर्ष पत्नी जाहिदा खातून के नाम पर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास स्वीकृत हुआ था। प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार रुपये मिले थे, जिससे निर्माण हुआ। दूसरी किस्त के लिए जियो टैगिंग होनी थी। मगर वीडीओ बीना कुमारी ने दस हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर आवास को चकमार्ग पर दर्शाकर किस्त रुकवा दी। कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
तो तहसील व हाईकोर्ट में भी चल रहा था मामला
ग्रामीणोें के अनुसार जुबैर जहां मकान बना रहा था, वह सरकारी जमीन है। उसके मकान बनाने का जियो टैग पहले आबादी में बने कच्चे मकान पर किया गया और उसने गांव के बाहर कब्जे की जमीन पर घर बनाना शुरू कर दिया। इसपर ग्रामीणों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसे लेकर उसकी दूसरी किस्त रोक दी गई। इससे पहले उच्च न्यायालय के आदेश पर कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
पीड़ित से बात की गई। उसकी जो समस्या थी उसको तुरंत हल कराने के निर्देश दिए गए। पूरे प्रकरण में वीडीओ और गांव के अतुल कुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। विभागीय जांच भी कराई जा रही है।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी