फतेहपुर (बाराबंकी)। टीकाकरण के दौरान बुधवार को एक आशाबहू अचानक बेहोश हो गई। आननफानन में उसे सीएचसी ले जाया गया। वहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पति ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल में मौजूद एसीएमओ ने परिजनों को प्रकरण की जांच कराने के साथ आशाबहू के परिजनों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
शिवपुर भगौली निवासी शकुंतला देवी (50) आशाबहू के पद पर कार्य कर रही थी। बुधवार को भगौली में ड्यूटी के दौरान टीकाकरण करने के लिए गयी थी। तभी वह अचानक वहां बेहोश होकर गिर गयी। यह देख मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने आननफानन उसे सीएचसी भेजा। वहां पर मौजूद चिकित्सकों ने इलाज तो शुरू कर दिया परंतु वह आशाबहू को बचा नहीं पाए। मृतका के पति सत्यवान ने सीएचसी प्रभारी व चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सत्यवान का कहना था कि उसकी पत्नी 45 मिनट तक तड़पती रही लेकिन किसी भी अस्पताल कर्मी ने उसे हाथ तक लगाना मुनासिब नही समझा। यदि समय से उसका उपचार किया जाता तो वह बच सकती थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया किन्तु बात नहीं बनी।
सीएचसी में मौजूद एसीएमओ डॉ. संजय बाबू ने परिजनों से वार्ता की और आश्वासन दिया कि मृत आशाबहू को जो भी लाभ विभाग द्वारा मिलना है उसको दिलाया जायेगा। वहीं उसके स्थान पर उसके परिवार की एक महिला को रखने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जायेगा और मामले की पूरी जांच की जाएगी। यदि इलाज में लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद जाकर परिजन शांत हुए।