बाराबंकी। छोटे-छोटे कदमों से अब बड़ी उड़ान भरी जाएगी। जिले के नौनिहालों की शुरुआती शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। परिषदीय प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था अब पूरी तरह बदलेगी। प्री-प्राइमरी शिक्षा में सुधार के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने मास्टर प्लान लागू किया है।
इस व्यवस्था के तहत नगर क्षेत्र और सभी 15 विकासखंडों में नोडल एआरपी तैनात कर दिए गए हैं। नोडल एसआरजी पदमजा त्रिपाठी को बीईओ और एआरपी टीमों के बीच बेहतर समन्वय की कमान मिली है। कोलोकेटेड केंद्रों में नियमित मॉनिटरिंग से बच्चों की नींव मजबूत होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के साझा प्रयास से खेल-खेल में पढ़ाई का माहौल तैयार होगा। इससे कक्षा एक में प्रवेश से पहले ही बच्चे अक्षर व अंक ज्ञान से सहज हो सकेंगे और विद्यालयों में बच्चों का ठहराव भी बढ़ेगा।
बनीकोडर में अनिल कुमार वर्मा, बंकी में लक्ष्मी सिंह, नगर क्षेत्र में संतोष कुमार, दरियाबाद में पशुपति सहाय लाल श्रीवास्तव, देवा में अभिषेक नाग, फतेहपुर में अशोक कुमार, हैदरगढ़ में मदन मोहन वर्मा, हरख में पूज्येन्द्र शुक्ल, मसौली में आदित्य कुमार वर्मा, निन्दूरा में अर्चना वर्मा, पूरेडलई में दिवाकर सिंह, रामनगर में संतोष कुमार, सिद्धौर में दिनेश कुमार यादव, सिरौली गौसपुर में श्याम जी, सूरतगंज में भूपेन्द्र प्रताप सिंह और त्रिवेदीगंज में सावित्री गुप्ता को नोडल एआरपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बीएस नवीन कुमार पाठक ने बताया कि कोलोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा के प्रभावी संचालन के लिए नगर क्षेत्र और 15 ब्लॉक में नोडल एआरपी नामित किए गए हैं। नोडल एसआरजी के समन्वय से यह टीम बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाएगी। (संवाद)