बाराबंकी। शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में शुक्रवार को जनपद स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें श्रीअन्न एक मूल्यवर्धित पौष्टिक अथवा भ्रांति आहार विषय पर चर्चा की गई। डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने कहा कि दिखावे की अंधी दौड़ में हमने अपने स्वास्थ्य को भी दांव पर लगा दिया और स्वास्थ्य के लिए अमृत तुल्य श्रीअन्न को त्याग दिया है। मिलेट्स का प्रयोग करके निरोग जीवन का आनंद ले सकते हैं। इसीलिए ज्वार, बाजरा जैसे श्रीअन्न को अपनी खाद्यचर्या में सम्मिलित करने का संकल्प लेना होगा।
डॉ. पूनम सिंह ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी में सफल प्रतिभाग की शुभकामनाएं दीं। जिला विज्ञान क्लब समन्वयक आशीष पाठक ने प्रतिभागियों को अपने प्रस्तुतिकरण के लिए आवश्यक नियमों की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि डायबिटीज, किडनी, लिवर, हड्डी एवं जोड़ के रोगों जैसी अनेक बीमारियों से बचने के लिए रागी, बाजरा, कोदो, सांवा, ज्वार का उपयोग गुणकारी है।
इसमें 15 विकास खंडों से प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी एवं हरख के परिषदीय विद्यालय की छात्रा ने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल ने लिखित परीक्षा, संभाषण और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निंदूरा विकास खंड के बाबू हरनाथ सिंह सिसोदिया विद्यापीठ इंटर काॅलेज झरसवां के प्रतिभागी अर्पित कुमार व जीजीआईसी बाराबंकी की छात्रा आंचल वर्मा को मंडल स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में प्रतिभाग के लिए चुना। प्रतिभागियों का प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।