बाराबंकी। एंटी करप्शन टीम ने दो दिन पहले लेखपाल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। शनिवार को टीम इसी मामले की जांच करने तहसील पहुंची थी। इस दौरान शिकायतकर्ता व लेखपालों के बीच मारपीट होने लगी। भरी तहसील में जमकर बवाल हुआ। टीम जान बचाकर भागी। भीड़ ने एक व्यक्ति को पीटकर लहूलुहान कर दिया।
इस घटना में टीम के इंस्पेक्टर, घायल व्यक्ति व महिला लेखपाल द्वारा कुल तीन मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। मामले को लेकर दिनभर शहर कोतवाली में भारी भीड़ जमा रही। कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।
17 दिसंबर को अयोध्या से आई एंटी करप्शन टीम ने बलवंत यादव नामक व्यक्ति की शिकायत पर सदर तहसील के सामने से लेखपाल व एक मुुंशी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इसे लेकर लेखपालों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
शनिवार दोपहर एंटी करप्शन टीम इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार की अगुवाई में इसी मामले में जांच करने पहुंची थी। टीम तहसील में शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों से जानकारी जुटा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान आठ-दस लोगों ने टीम से मारपीट शुरू कर दी। धक्का-मुक्की के बीच नक्शा व नजरी छीनने का प्रयास किया गया। वाहन में तोड़फोड का प्रयास हुआ।
बवाल बढ़ता देख एंटी करप्शन टीम जान बचाकर बाहर भागी। इस दौरान लेखपाल को जेल भेजवाने वाले शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों व लेखपालों में कहासुनी हुई। आरोप है कि कुछ लेखपालों ने शिकायतकर्ता बलवंत के साथी को पीटकर घायल कर दिया। इससे तहसील में अफरातफरी मच गई।
मौके पर पहुंची पुलिस से दो महिला लेखपालों ने बात की। शिकायतकर्ता पक्ष के दो-तीन लोगों पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। हंगामे के बीच सभी पक्ष शहर कोतवाली पहुंच गए। देखते ही देखते यहां एडीएम इंद्रसेन, एएसपी दक्षिणी डाॅ. अखिलेश नारायण सिंह, जॉइंट मजिस्ट्रेट आर जगत साई, सीओ सुमित कुमार त्रिपाठी समेत आधा दर्जन थानों की फोर्स व पीएसी बुला ली गई।
घायल युवक जुबराज की तहरीर पर पुलिस ने आशुतोष, चंद्रसेन, संदीप, सुनील, आनंद बिहारी व सविता आदि लेखपालों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार की तहरीर पर आठ-दस अज्ञात पर दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, एक महिला लेखपाल की तहरीर पर तीन-चार लोगों पर छेड़छाड़ का केस दर्ज किया गया। एएसपी ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।