मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही, खूब पढ़ो, खूब बढ़ो का नारा देकर प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुधारने का विशेष अभियान चला रहे हों, पर बाराबंकी में आज से शुरू हुई कक्षा एक से आठ तक परिषदीय विद्यालयों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में विभाग की पोल पट्टी खुल गई। परीक्षा के पहले दिन ही बच्चों के हाथ में प्रश्नपत्र थमाकर उनका उत्तर ब्लैक बोर्ड पर लिखाकर जिस तरह परीक्षा कराई गई। उससे साफ हो गया कि ऐसी पढ़ाई में बच्चे क्या पढ़ेंगे और क्या बढ़ेंगे।
जिले में 3071 परिषदीय विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई। सर्व शिक्षा अभियान को जिले में कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है, इसका नजारा परीक्षा में साफ दिखा। देवा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय अजगना में कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों की हिंदी लिखित परीक्षा में बच्चों के हाथ में प्रश्नपत्र था और उसका उत्तर ब्लैक बोर्ड पर लिखा था।
एक कक्ष में प्रधानाचार्य आयुषी जैन व दूसरे में अल्पना दूबे बच्चों को क्रमवार उत्तर पुस्तिकाओं में लिखना बता रही थी। स्कूल में पंजीकृत 120 बच्चों में से मात्र 62 बच्चे ही मौजूद रहे। बंकी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय अटवा में 125 में से 95 बच्चे परीक्षा के लिए आए। बच्चे प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाएं लेकर घूमते दिखे। फतेहपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गुरसेल में 55 बच्चों में 35 बच्चे ही स्कूल आए। बच्चों को किताब से उतार कर कापी जमा करने को कहा गया। शिक्षकों की लापरवाही के कारण परीक्षा वाले दिन भी बच्चों की संख्या स्कूलों में पूरी नहीं हुई।
शिक्षण सत्र से लेकर परीक्षा में बच्चों की स्कूल में कम उपस्थिति को लेकर शिक्षक गंभीर नहीं हैं। किसी ने फेल न होने का डर तो किसी ने खेतों में काम होने को कारण माना। बच्चों व उनके अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरुक करने के लिए तैनात किए गए प्रेरक भी इस दिशा में कार्य नहीं कर रहे हैं। बच्चों को बुलाने के बजाए स्कूल में बैठकर हाजिरी बजाने तक ही सीमित हैं।