बाराबंकी। फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को बाइक से जा रहे पवैया गांव निवासी अंकित वर्मा (22) की एचटी लाइन का तार गिरने से जलकर मौत हो गई थी। पावर काॅर्पोरेशन अपनी जांच में इसे हादसा मान रहा है। अधिशासी अभियंता दिलीप यादव ने बताया कि हादसा किन हालात में हुआ, यह पता लगाने के लिए अवर अभियंता को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए फॉर्म 44 भर दिया गया है।
चार से पांच लाख के बीच मिलता है मुआवजा
हादसा होने पर मुआवजे के लिए सबसे पहले थाने में सूचना दर्ज करानी होती है। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पाॅवर काॅर्पोरेशन की ओर से मुआवजा दिलाने के लिए फॉर्म भरा जाता है। फॉर्म में जांच रिपोर्ट का भी जिक्र होता है। सारा काम ऑनलाइन होता है। इसके बाद सुरक्षा निदेशालय, लखनऊ फॉर्म में दिए तथ्यों के आधार पर चेक से मुआवजा देता है। इस प्रक्रिया मेंं करीब एक माह का समय लग जाता है। मुआवजे की रकम चार से पांच लाख के बीच होती है जो आश्रितों की संख्या के आधार पर निर्धारित होती है।
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जर्जर तारों की भेंट चढ़ी फसलें
जिले के 900 से अधिक गांवों में खेतों के ऊपर से बिजली के तार गए है। इनमें कई लाइनें काफी जर्जर है। तार ढीले होने के कारण आपस में टकराते है तो इनसे छूटने वाली चिंगारी खासकर गेहूं की फसल तो जलाकर राख कर रही है। बीते साल तो 60 से अधिक आग की घटनाओं का कारण बिजली के तार व शार्ट सर्किट रहा है। गर्मी में बिजली के तार फैलकर लचीले हो जाते हैं। इससे इनके टकराने की पूरी संभावना रहती है। वहीं सीएफओ राज प्रकाश राय कहते हैं कि बिजली के तारों को दुरस्त कराने की जिम्मेदारी पावर कॉरपारेशन की है।