बाराबंकी। भीषण गर्मी के चलते कुत्ता और बंदर हिंसक होते जा रहे हैं। राह चलते लोगों पर इनके द्वारा अचानक हमला कर दिया जाता है और काट कर घायल कर दिया जाता है। स्थिति यह हो गई है कि जिला अस्पताल में 75 से 80 तो सीएचसी पर 45 से 50 लोग प्रतिदिन एंटी रैबीज लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
सिरौलीगौसपुर प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार को एंटी रैबीज लगवाने पहुंचे खोर एत्मादपुर गांव के रहने वाले चंदू ने बताया कि पौत्री प्रीति के साथ घर के बाहर दरवाजे पर बैठा था। अचानक पहुंचे बंदरों ने बाबा और पोती को काटकर घायल कर दिया। शहरी गांव की कमला देवी ने बताया कि ढाई वर्ष का पुत्र रौनक घर के बाहर खेल रहा था।
एक कुत्ते ने बच्चे के खेलते समय हाथ में काट लिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इकबाल अहमद ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 45 से 50 मरीज एंटी रैबीज लगवाने को पहुंच रहे हैं।
वहीं फतेहपुर सीएचसी पर सोमवार को 21 नए मरीज आए इनमें 16 कुत्ता काटने से घायल हुए थे। जैदपुर सीएचसी पर 16 लोगों को एआरवी लगाया गया, इनमें 14 को कुत्ताें ने काटा था दो लोगों पर बंदरों ने हमला कर जख्मी कर दिया था। सीएचसी सिद्धौर में प्रतिदिन 25 से 30 एआरवी कुत्ता और बंदरों के काटने पर लगाए जाते हैं।
सीएचसी सतरिख में औसतन 24 इजेंक्शन कुत्ता और बंदर काटने पर प्रतिदिन लगाए जा रहे हैं। सीएचसी घुंघटेर में औसतन प्रतिदिन 30 से 35 इंजेक्शन कुत्ता और बंदर काटनें के लगाए जाते हैं सोमवार काे कुत्ता काटने पर 22 और बंदर काटने पर 13 लोगों को इंजेक्शन लगाए गए। वहीं सूरतगंज में 30 से 35 इंजेक्शन एआरवी के प्रतिदिन लोगों को लगाए जाते हैं।
वहीं बड़ागांव सीएचसी में प्रतिदिन 35 से 40, त्रिवेदीगंज में 30 से 35 इंजेक्शन कुत्ता और बंदर काटने पर लगाए जाते हैं। एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव बताते हैं कि सभी सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में एआरवी उपलब्ध हैं।