बाराबंकी। अलग-अलग जगहों पर संदिग्ध हालात में दो किशोरियों के शव फंदे पर लटके मिले। दोनों मामलों में घरेलू कार्य को लेकर परिजनों के डांटने के कारण किशोरियों द्वारा आत्महत्या की बात कही जा रही है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा।
देवा कोतवाली के माती चौकी क्षेत्र के तिंदोला गांव में बृहस्पतिवार दोपहर उमेश गौतम की पुत्री रूपा गौतम (16) का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। मौके पर पहुंची पुलिस को पिता ने बताया कि किशोरी सुबह घर से सिलाई सीखने बरेठी स्थित केंद्र पर गई थी। दोपहर करीब 12 बजे घर वापस आई। मां ने उससे बर्तन धोने को कहा था। इसी बात से गुस्सा होकर छत के ऊपर कमरे में चली गई। ज्यादा देर होने पर जब बाहर नहीं निकली तो खिड़की से झांककर देखा तो कमरे के अंदर शव फंदे से लटका मिला। कक्षा आठ तक शिक्षित रूपा तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। कोतवाल प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
वहीं, कोठी थाना क्षेत्र के असौरी गांव निवासी उमेश रावत की पुत्री चांदनी (14) को मां कांति देवी ने बुधवार शाम घरेलू कार्य न करने पर फटकारा था। रात में खाना खाने के बाद किशोरी कमरे में सोने को चली गई। बृहस्पतिवार सुबह वह कमरे से बाहर नहीं आई। खोजबीन के दौरान उसका शव बगल में स्थित भूसे वाले कमरे में साड़ी से बने फंदे से लटका मिला। एसएचओ कोठी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है।